जसराना में मां कामाख्या के पट मंगलवार को खोले गए। पट खुलते ही मां की झलक पाने के लिए श्रद्घालुओं का रेला उमड़ा। जसराना के मां कामाख्या धाम में मनाए जा रहे अंबुबाची महोत्सव के तहत मंगलवार को मंगला आरती और पीठाधीश महेश स्वरुप ब्रहमचारी के निर्देशन में वेदमंत्रों के साथ आठ महिलाओं ने गर्भग्रह के पट खोले।
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मां कामाख्या धाम के पट खुलने पर मौजूद मंदिर के पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
मां के पट खोलने के बाद सफेद श्रृंगार उतारकर मां का नयनाभिराम श्रृंगार किया गया। सुबह छह बजे श्रद्घालुओं के लिए पट खोले गए। पट खुलते ही दर्शन करने वालों को रेला उमड़ा। एटा रोड पर तहसील तक तो शिकोहाबाद रोड से फरिहा रोड पर डाकखाने तक लाइन पहुंच गई। श्रद्घालुओं ने मां के दर्शन किए। जसराना के आसपास के गांवों के साथ यूपी के कई जिलों एवं दिल्ली, एमपी, हरियाणा एवं राजस्थान से पहुंचे भक्तों ने मां से मनौती मांगी।
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मां कामाख्या धाम के पट खुलने के बाद पहुंचे भक्त
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि मां कामाख्या धाम में हर वर्ष अंबुबाची महोत्सव का आयोजन होता है। महोत्सव के दौरान तीन दिन तक मां के पट बंद रहते हैं। इन तीन दिनों तक मां आम महिलाओं की तरह रजस्वला होती है। जिसके कारण मां के दर्शन लोगों के लिए प्रतिबंधित रहते हैं। इन तीन दिनों तक मंदिर में भजनों का दौर चलता रहा। बता दें कि देश में मां कामख्या के दो मंदिर हैं एक गुवाहाटी और दूसरा फिरोजाबाद जनपद के जसराना में स्थित है।
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मां कामाख्या धाम के पट खुलने के बाद पहुंचे भक्त
- फोटो : अमर उजाला
अंबुबाची महोत्सव के दौरान नगर में चूना छिड़काव के साथ पानी एवं छाया का विशेष इंतजाम किया। लोगों की भीड़ देखते हुए उन्हें जल पिलाने की व्यवस्थाएं लोगों ने संभालीं। उपजिलाधिकारी देवेंद्रपाल सिंह, कोतवाल गिरीश चंद्र, नगर पंचायत अध्यक्ष अवनीश गुप्ता ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मंदिर में दर्शन को आए श्रद्घालु की तबियत बिगड़ने पर उपचार देते व्यवस्थापक
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर में मां कामाख्या के दर्शनों के लिए दो बजे ही लाइन लगना शुरू हो गई थी इससे गर्मी में कई लोग गश खाकर गिर गए। स्वास्थय विभाग की टीम मंदिर में 8.30 बजे पहुंचे। मंदिर से जुडे़ सतीश मिश्रा ने बताया कि टीम आने से पहले भी कई लोगों को परेशानी हो चुकी थी।