आगरा जिले के बाह क्षेत्र में फैली एशिया की सबसे बड़ी घड़ियाल सेंक्चुअरी में घड़ियालों की नेस्टिंग शुरू हो गई है। वन विभाग का अमला घड़ियालों के बनाए घोंसलों के स्थान खोज कर अंडों की सुरक्षा के लिए जाली लगाने में जुटा है। जीपीएस से इनकी स्थिति पता लगाई जाएगी।
अप्रैल की शुरुआत में चंबल नदी से निकलकर घड़ियालों ने बालू हटाने का काम शुरू कर दिया था। गांव नंदगवां, महुआशाला, कीचनीपुरा, उदयपुर खुर्द आदि इलाकों में नेस्टिंग का काम पूरा हो गया है। सियार, लकड़बग्घा व अन्य जानवरों से इन घोंसलों के नष्ट होने का खतरा रहता है। रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि घड़ियालों के घोंसलों की सुरक्षा के लिए जाली लगा दी है। पहचान के लिए गोपनीय संकेतक लगाए हैं। मादा घड़ियाल एक घोंसले में 20 से 45 अंडे देती है। इनसे बच्चे मई के आखिर में निकलेंगे।