आगरा में कोरोना संकट काल में व्यापार ठप पड़ गया। ऐसे में कई परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया। निराशा के इस दौर में महिलाएं अपराजिता बनकर परिवार का सहारा बनीं। आपदा में पति के साथ अवसर तलाशा और सफलता की मिसाल बन गईं। इस कठिन दौर में कारोबार को नया ट्विस्ट देकर आगे बढ़ीं। कोई पौष्टिक आहार के बारे में सलाह देकर लोगों को स्वस्थ बना रही हैं तो कोई लोगों के घर को सुंदर बनाकर सुखद अहसास दे रही हैं। किसी ने अपने हुनर को ही कारोबार में बदल दिया है। अब अनलॉक में इन महिलाओं ने व्यापार को बढ़ाने का फैसला लिया है। अगली स्लाइड्स में पढ़िए आगरा की इन महिलाओं की सफलता की कहानी...
घर से बेचना शुरू किया साबुन, दाल व मसाले
परिवार में सिलाई मशीन का पुश्तैनी काम है। कोरोना काल में काम बंद पड़ गया। ऐसे में परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की जिम्मेदारी को प्रताप नगर निवासी वर्षा सपरा ने संभाला। घर से ही साबुन, शैंपू, कॉस्मेटिक, दाल, मसाले आदि दैनिक उपयोग के उत्पादों का व्यापार शुरू कर दिया। परिवार को सहारा मिला। कोरोना काल के बाद अनलॉक में वह व्यापार को और बढ़ाने की सोच रही हैं।
मेरी सोच बदली है- वर्षा
वर्षा ने बताया कि काम में पति भी मुझे सहयोग कर रहे हैं। मेरी इस शुरुआत की घर के लोग भी सराहना करते हैं। इससे काफी खुशी मिलती है। अब मैं एक बिजनेस वुमेन हूं।
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अपराजिता: अंकिता मेहरोत्रा
- फोटो : अमर उजाला
शौक को व्यापार में बदला, बेकरी चला रहीं
खंदारी के फ्रैंड्स पैराडाइज निवासी अंकिता मेहरोत्रा ने कोरोना काल में बेकरी खोली। पति का व्यापार काफी प्रभावित रहा। ऐसे में अंकिता ने घर में बेकरी उत्पाद बनाने शुरू किए। व्यंजन बनाने का शौक था, इसी शौक को व्यापार में बदलने की कोशिश की। बेकरी उत्पादों में अपना एक ट्विस्ट दिया। इनमें मैदे का अधिक प्रयोग होता है, ऐसे में आटे से उत्पाद बनाए और उनकी मार्केटिंग की। कारोबार चल निकला। अब चलते व्यापार को बंद कौन करता है। अनलॉक में यह और बढ़ रहा है।
आत्मविश्वास बढ़ा है- अंकिता
अंकिता का कहना है कि मुझे आपदा में अवसर मिला। परिवार के लोगों ने मेरी इस राह को आसान बनाया। खासतौर से आटे के उत्पाद तैयार करती हूं। आत्मविश्वास और बढ़ा है।
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अपराजिता: शिल्पा अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
लोगों के लिए डाइट चार्ट तैयार कर रहीं
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में लोगों ने अपनी प्रतिरोधक क्षमा बढ़ाने को लेकर काफी सजग हुए। कमला नगर निवासी शिल्पा अग्रवाल ने इसमें व्यापार की संभावनाएं तलाशीं। उन्होंने न्यूट्रिशियन का कोर्स किया था। इसका प्रयोग शुरू किया। लोगों को पौष्टिक आहार के संबंध में सलाह देना शुरू किया। ऑनलाइन सलाह देना शुरू किया। व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार डाइट चार्ट तैयार करना शुरू किया। काम चल निकला। अनलॉक में भी लोग सलाह लेने के लिए संपर्क कर रहे हैं।
घर से चल रही नौकरी
शिल्पा का कहना है कि जब लोग अपने व्यापार और नौकरी को लेकर चिंतित दिखे तब मैंने घर पर ही नौकरी तलाश ली। जो कोर्स किया था उसका भी उपयोग हो रहा है। अब पति भी नए काम में मेरा साथ दे रहे हैं।
अपने हुनर को लाभदायक कारोबार में बदला
साकेत कॉलोनी निवासी सुमन महाजन ने कोरोना काल में घर के इंटीरियर डिजाइन के शौक को व्यवसाय में बदल दिया। उन्होंने वास्तु शास्त्र के बारे में पढ़ रखा है। उसका भी व्यावसायिक उपयोग करना शुरू कर दिया। लॉकडाउन में भी लोगों ने उनकी सलाह पर इंटीरियर डिजाइन बदला। ऑनलाइन काम चला। अब अनलॉक में और भी अच्छा काम मिलना शुरू हो गया है। सुमन ने बताया कि अब वह यह काम जारी रखेंगी। परिवार के लोग भी इस बारे में सहमत हैं
मैं परिवार की ताकत बनी- सुमन
सुमन ने बताया कि कोरोनाकाल में जब पति का व्यापार लगभग बंद हो गया तब वास्तु और इंटीरियर डिजाइन को लेकर मेरी जानकारी हमारे परिवार के लिए नई ताकत बनी। इससे मुझे अच्छा अहसास होता है।