रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल हासिल करने वाली पीवी सिंधू और बैडमिंटन में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल कर चुकीं साइना नेहवाल ताजनगरी की बेटियों के लिए प्रेरणाश्रोत हैं। उनकी सफलता ने यहां भी बेटियों के अरमानों को पंख लगा दिए हैं। आगरा के एकलव्य स्टेडियम में बैडमिंटन की कोचिंग ले रहीं युवा खिलाड़ियों को भरोसा है कि देर से ही सही वे भी उस मुकाम पर पहुंचेंगी, जहां पहुंचकर इन दो खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है।
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बैडमिंटन
- फोटो : अमर उजाला
यही कारण है कि आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में बैडमिंटन खिलाड़ियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इनमें से महिला खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कई प्रतियोगिताओं में आगरा की खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। स्टेडियम के बैडमिंटन कोच मयंक कपूर बताते है कि पिछले दो सालों से बैडमिंटन खेल की ओर युवतियों को रुझान बढ़ा है।
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उन्होंने बताया कि 2015-16 में 50 लड़कियां बैडमिंटन खेल रही थीं। 2016-17 में महिला खिलाड़ियों की संख्या 120 तक पहुंच गई है। पूरी शिद्दत के साथ वे खेल रही हैं। कई लड़कियां तो स्टेट लेवल तक खेल चुकी हैं। कुछ ऐसी बेहतरीन खिलाड़ी हैं जिन्हें प्रोत्साहन मिले तो आगरा का नाम रोशन कर सकती हैं लेकिन आर्थिक स्थित ठीक न होने के कारण वे आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
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स्टेट में टॉप फोर और यूपी की नेशनल टीम के सीनियर वर्ग में जगह बनाने वाली राधा आर्थिक रूप से कमजोर हैं। वे साइना नेहवाल को अपना आइडियल मानतीं हैं। बावजूद इसके 2012 में राधा ने रेकिट थामा तो, 2013 में डिस्ट्रिक्ट के लिए खेला। 2015 में स्टेट में टॉप फोर की श्रेणी में आई।
2016 में राधा ने यूपी टीम की नेशनल टीम में सीनियर वर्ग में अपनी जगह बनाई। अब वह ईस्ट जोन में सफलता प्राप्त करने के लिए तैयारी कर रहीं हैं। शरोदिया सरकार ने आगरा बैडमिंटन प्रीमियर लीग 2017 में वह मिक्स डबल जीता था। डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन में 15 वें स्थान पर आई।