आगरा में डॉ. दीप्ति अग्रवाल की दहेज के लिए हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर पिता डॉ. नरेश मंगला ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने डीजीपी को पत्र भेजकर विवेचना किसी जांच एजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पुलिस ने डॉ. सुमित की गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई पर ब्रेक लगा दिया है। आरोपी सास-ससुर को दस दिन में भी गिरफ्तार नहीं किया है।
पति डॉ. सुमित अग्रवाल के साथ डॉक्टर दीप्ति (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
विभव नगर स्थित विभव वैली व्यू अपार्टमेंट निवासी डॉ. दीप्ति अग्रवाल को तीन अगस्त को प्रतापपुरा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी छह अगस्त को फरीदाबाद के अस्पताल में मौत हो गई थी।
पति डॉ. सुमित अग्रवाल के साथ डॉक्टर दीप्ति (फाइल)
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इस मामले में पिता डॉ. नरेश मंगला ने पति डॉ. सुमित अग्रवाल, ससुर डॉ. एससी अग्रवाल सहित सास, जेठ और जिठानी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। डॉ. सुमित को गिरफ्तार करके पुलिस जेल भेज चुकी है।
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डॉ. दीप्ति के पिता डॉ. नरेश मंगला
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डॉ. नरेश मंगला ने डीजीपी को भेजे शिकायती पत्र में लिखा है कि अन्य आरोपी भूमिगत हो गए हैं। घटना के तथ्यों से संबंधित किसी भी व्यक्ति का बयान नहीं लिया गया है। इस वजह से आरोपी पक्ष की ओर से राजीनामा का दबाव बनाया जा रहा है। धमकी भी मिल रही है। इस कारण उन्हें जान का खतरा है। आरोपियों के अस्पताल में कई साक्ष्य मौजूद हैं। मगर, पुलिस इन साक्ष्यों पर ध्यान नहीं दे रही है।
डॉ. नरेश मंगला ने जांच किसी और एजेंसी से कराने की मांग की है। उधर, थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार का कहना है कि मामले में विवेचना की जा रही है। नए तथ्य और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। केस से संबंधित सभी लोगों के बयान लिए जाएंगे।