आगरा के एत्माद्दौला क्षेत्र में रविवार रात को हुए तिहरे हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने 24 घंटे में कर दिया। तीन लाख रुपये के विवाद को लेकर तीन आरोपियों ने नगला किशनलाल निवासी परचून दुकानदार रामवीर, उनकी पत्नी और बेटे बबलू की जान ली थी। पुलिस ने मंगलवार तड़के मुठभेड़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के पैर में गोली लगी है। तीसरा आरोपी फरार है। घायल आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने की बात कबूल की है।
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तिहरे हत्याकांड के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपी नगला किशनलाल निवासी सुभाष और वकील हैं। तीसरा आरोपी गजेंद्र हैं। वह सुभाष का भाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बबलू कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि रामवीर ने एक प्लॉट गिरवी रखा था। उसे छुड़ाने के लिए उसने आठ महीने पहले सुभाष से तीन लाख रुपये उधार लिए थे। सुभाष रामवीर के बेटे बबलू का दोस्त है। उसका घर आना-जाना था।
आरोपी सुभाष के अनुसार रुपये लेते वक्त रामवीर ने कहा था कि वह तीन के बदले पांच लाख रुपये देगा। कई बार तगादा किया, लेकिन आठ महीने बाद भी उसने एक रुपया नहीं लौटाया। इसी खुन्नस में सुभाष ने उसे मारने की साजिश रची। उसने वकील को रुपयों का लालच देकर शामिल किया। वकील इलेक्ट्रीशियन था, जो लॉकडाउन में बेरोजगार हो गया था।
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रामवीर का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी सुभाष ने रविवार की रात पहले रामवीर को अपने घर बुलाया, जहां सुभाष, उसके भाई गजेंद्र और वकील ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद रामवीर के बेटे बबलू को घर बुलाकर मार डाला। तीन आरोपी रात को ही पिता-पुत्र के शव उसके घर में रखने गए थे। इसी दौरान रामवीर की पत्नी मीरा जाग गई। इस पर आरोपियों ने मीरा की भी हत्या कर दी।
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आगरा ट्रिपल मर्डर: रामवीर, पत्नी मारी और बेटा बबलू (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार दंपती और उनके बेटे की हत्या को हादसे का रूप देने के लिए आरोपियों ने तीन शवों को जलाने की कोशिश की। पहले रसोईघर में तीनों शवों को रखा और गैस सिलिंडर का पाइप निकाला, लेकिन गैस नहीं निकली। इस पर केरोसिन डालकर तीनों शवों को जलाकर भाग गए। सोमवार सुबह जब पड़ोस के लोग दुकान पर आए तो घटना का पता चला।
आगरा ट्रिपल मर्डर: एक ही कमरे में मिले थे तीनों के शव
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि दुकानदार रामवीर ब्याज पर रुपये देने का काम करता है। उसके घर से एक डायरी मिली थी। जिस पर कई जगह सुभाष का नाम लिखा हुआ था। जब जांच की गई तो रुपयों को विवाद सामने आया। मंगलवार तड़के मुठभेड़ में सुभाष और वकील को गिरफ्तार कर लिया गया। सुभाष का भाई गजेंद्र फरार है। वह गुरुग्राम में नौकरी करती है। वारदात में वह भी शामिल है। उसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।