आगरा के जीवनी मंडी स्थित जोंस मिल कंपाउंड में रविवार शाम को सोढ़ी ट्रांसपोर्ट के गोदाम में हुए बम धमाके की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चिम्मनलाल जैन के बेटे रज्जो जैन सहित नौ आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। रज्जो जैन ने गोदाम की जमीन खाली होने पर मिलने वाले कमीशन के 55 लाख रुपये लेने के लिए धमाके की साजिश की थी। एत्मादपुर के नगला खरगा में 15 किलोग्राम विस्फोटक तैयार किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में रज्जो जैन के कर्मचारी, पटाखे बनाने का लाइसेंस लेने वाले का भाई भी शामिल हैं।
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जोंस मिल में पड़ा मलबा
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन के दिन 19 जुलाई को जोंस मिल परिसर में सोढ़ी ट्रांसपोर्ट के गोदाम की दीवार के पीछे जबर्दस्त धमाका हुआ था। थाना पुलिस ने इसे मामूली धमाका माना था। मगर, एसएसपी बबलू कुमार ने एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद को मौके पर भेजा था। धमाके से गोदाम की मोटी दीवार, छत उड़ गई थी। शटर टेढ़े हो गए थे। गनीमत रही थी कि कोई व्यक्ति चपेट में नहीं आया था। घटना की जांच एटीएस, आर्मी इंटेलीजेंस ने की थी।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में जोंस मिल परिसर में ही ऑफिस चलाने वाले रज्जो जैन के कर्मचारी लांगुरिया और चालक संतोष तिवारी नजर आए थे। पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया था। उनसे पूछताछ के बाद पप्पू चौहान को पकड़ा था। बुधवार तक नौ आरोपियों को पकड़ लिया गया। इनमें रज्जो जैन भी शामिल हैं। सभी को जेल भेज दिया गया।
जोंस मिल कंपाउंड में हुए धमाके के आरोपी
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एसएसपी ने बताया कि सोढ़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी का गोदाम जिस जमीन पर है, उसका बैनामा वर्ष 2018 में बिल्डर चुनमुन अग्रवाल और उनके साथ अमित गोयल ने कराया था। जमीन घटिया आजम खां निवासी उमेश अग्रवाल, कमला नगर निवासी नितिन अग्रवाल, सुभाष नगर निवासी रीटा अग्रवाल, कमलजीत सिंह और गौतम मेहरा ने बेची थी। जमीन पर कुलदीप सोढ़ी का कब्जा है। वह ट्रांसपोर्ट का गोदाम चलाते हैं। सौदा रज्जो जैन ने कराया था। उन्होंने जमीन खाली कराने का वादा किया था।
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एसएसपी बबलू कुमार
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एसएसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि जमीन खाली करने पर 2.75 करोड़ रुपये देने की बात हुई थी। जमीन खाली होने पर तकरीबन 55 लाख रुपये रज्जो जैन को मिलते। मगर, सोढ़ी ट्रांसपोर्ट के मालिक ने जमीन खाली नहीं की। इस कारण रज्जो जैन की कमीशन की रकम रुक गई। क्षेत्र में छवि भी खराब हो रही थी। इससे वह मन ही मन रंजिश मानने लगा। उन्होंने सोचा कि धमाका कराकर ट्रांसपोर्टर को डरा देंगे। वह जमीन खाली कर देगा। जमीन भी समतल हो जाएगी। इसलिए एक महीने पहले पूरी साजिश अपने कर्मचारियों की मदद से रची थी।
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पकड़े गए आरोपी
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ये आरोपी पकड़े गए
रज्जो जैन - पथवारी, संतोष तिवारी - गधा पाड़ा, लांगुरिया - एत्माद्दौला, पप्पू चौहान उर्फ भूपेंद्र चौहान - गांधी नगर, केदार - एत्मादपुर, मोनू - नगला खरगा, केवी नंदन - नगला खरगा, सिंटू - नगला खरगा, राहुल - नगला खरगा।
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बोत्रे, रोहन प्रमोद, एसपी सिटी
- फोटो : अमर उजाला
नगला खरगा में तैयार कराया 15 किलोग्राम विस्फोटक
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि एत्मादपुर के गांव नगला खरगा और धौर्रा में लाइसेंस धारक आतिशबाजी बनाने का काम करते हैं। जोंस मिल परिसर में धमाके के लिए बम नगला खरगा में ही तैयार किया गया था। रज्जो जैन ने एक महीने पहले अपने कार्यालय में काम करने वाले पप्पू चौहान से बात की थी। पप्पू कालिंदी विहार निवासी गुड्डू को जानता था। उसने उससे बात की। गुड्डू अपने साथी केदार और मोनू को लेकर आया। उसने धमाका करने के लिए बताया। इसके लिए एक लाख रुपये तय हुए। 70 हजार रुपये तीनों को दे दिए गए। बाकी काम होने के बाद मिलते।
नगला खरगा निवासी राहुल का भाई लाइसेंस लेकर पटाखे बनाने का काम करता है। इसलिए राहुल के द्वारा बम बनवाना तय हुआ। इसके लिए उसने 13500 रुपये लिए। उसने 15 किलोग्राम वजनी बम बनाया। इसमें देसी बारूद का इस्तेमाल किया। 15 जुलाई को गुड्डू, मोनू और केदार बम लेकर आए। वे उसे रज्जो जैन के कार्यालय में रखकर चले गए। 19 जुलाई को फिर से गुड्डू आया। रज्जो जैन के कर्मचारी संतोष और लांगुरिया गुड्डू को स्कूटी से गोदाम के पास लेकर गए। यहां पर पहले से केवी नंदन, केदार, मोनू और सिंटू मौजूद थे। बम रखने के बाद सिंटू और केवी नंदन गए। उन्होंने बम में आग लगा दी। बत्ती होने की वजह से बम फटने में समय लगा। सभी मौके से भाग गए। इसके बाद धमाका हुआ। एसएसपी ने बताया कि आरोपी राहुल के भाई का लाइसेंस निरस्त करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है। इसके अलावा भी इस तरह से अवैध तरीके से पटाखे बेचने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
रज्जो पर छह मुकदमे दर्ज, एक में भी जेल नहीं
जोंस मिल परिसर में धमाका करने के आरोपी छत्ता के पथवारी निवासी रज्जो जैन पर पूर्व में छह मुकदमे दर्ज हो रखे हैं। इनमें पहला मुकदमा वर्ष 1997 में थाना छत्ता में दहेज उत्पीड़न का दर्ज हुआ। इसके बाद 2001 में जानलेवा हमला, 2002 में मारपीट, गालीगलौज, 2008 में जान से मारने की धमकी, गालीगलौज में दर्ज हुआ। वर्ष 2013 में भारतीय पुरातत्व अधिनियम के अलावा धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज है। इन मुकदमों में रज्जो जैन कभी जेल नहीं गया। एसएसपी ने बताया कि रज्जो जैन के बारे में कई और महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं हैं। इनके बारे में पुलिस पता कर रही है। अन्य थानों से भी आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। फिलहाल छत्ता के किसी मामले में अब तक जेल नहीं जाने के बारे में पता चला है। इसकी जांच कराई जाएगी। बम धमाके के मामले में विस्फोटक अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया।