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Agra: बहुत शानदार थे इन कॉलोनियों के नाम, बदलकर रखे गए नरकपुरी, बदबू विहार, घिनौना नगर, बोर्ड भी लगे

Fri, 07 Oct 2022 06:20 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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बदले नामों के लगा दिए गए बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
आगरा के दौरेठा, अवधपुरी, अलबतिया रोड की छह कॉलोनियों के लोगों ने समस्याओं के निदान न होने पर त्रस्त होकर आखिर कॉलोनियों के नाम ही बदल दिए। अवधपुरी का नाम रख दिया नरकपुरी, पंचशील कॉलोनी का नाम दुर्गंध शील कॉलोनी, मान सरोवर कॉलोनी हो गई नाला सरोवर कॉलोनी। इसी तरह बदबू विहार, घिनौना नगर और कीचड़ नगर कॉलोनी का नाम रखकर उनके बोर्ड लगा दिए हैं। इन कॉलोनियों के नाम के पुराने साइनेज की जगह फ्लैक्स पर नए नाम लिखवा कर लगा दिए गए हैं। क्षेत्रीय लोगों ने सांसद और विधायक के लापता होने के पोस्टर लगाने के साथ अपने मकान बिकाऊ होने के पोस्टर भी चस्पा कर दिए हैं। 
 

नवीन आगरा की नई पहचान

नगर निगम ने खुदे पड़े शहर को नवीन आगरा का नाम दिया है। इसी तरह इन छह कॉलोनियों के लोगों ने नाम बदलकर इसे नवीन आगरा की नई कॉलोनियों की पहचान बताया है, जहां सड़कों पर जलभराव है। सड़कों पर बड़े बड़े गड्ढे हैं और अधूरे नालों के कारण घरों के सामने पानी भरा है। रही सही कसर जलनिगम ने सीवर और पानी की लाइन बिछाकर पूरी कर दी, जहां हर घर के सामने गड्ढे खुदे हैं और दो साल से मरम्मत तक नहीं कराई गई।
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मकान बिकाऊ के लगाए पोस्टर - फोटो : अमर उजाला

बिकाऊ हैं मकान 

क्षेत्रीय लोगों ने शुक्रवार को हाथों में अपने मकान बिकाऊ होने के पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया और सांसद तथा विधायक के लापता होने के पोस्टर घरों के बाहर चस्पा कर दिए। उनकी शिकायत है कि कैबिनेट मंत्री होने के बाद भी क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर कोई योजना नहीं बनाई गई। 
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बदले गए नाम - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय निवासी राजेंद्र सिंह ने कहा कि 'सांसद, विधायक सब से कई बार मिल चुके, पर सड़क बनी, न जलभराव दूर हुआ। इसलिए हमने कॉलोनियों के नाम बदल दिए। नगर निगम और एडीए के अफसर खुद आकर देख लें कि यह नरकपुरी, बदबू विहार, कीचड़ नगर हैं या नहीं।'

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लगाए गए बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
अनिल तिवारी ने कहा कि 'दो साल हो गए सीमा विस्तार हुए, सड़क, नाले के लिए बजट नहीं, तो सफाई तो करा सकते हैं। जलनिगम ने जो सड़कें खोदी हैं, उनकी मरम्मत तो कराई जा सकती है। कोई सांसद, विधायक, अफसर अपने घर के सामने ऐसे हालात में रह सकता है क्या?'
 
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बदल दिए कालोनियों के नाम - फोटो : अमर उजाला
अखिलेश कुमार ने बताया कि 'तीन साल से हालात ज्यादा खराब हैं। नालों की सफाई नहीं, सड़कें गायब हो चुकीं। लोगों का दर्द, उनकी समस्याएं कोई नहीं सुन रहा। एडीए अधूरी सड़क और नाले का काम छोड़ गया, जिससे सारी परेशानियां खड़ी हुई हैं।'
 
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