आगरा के कमला नगर स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी की शाखा में 17 जुलाई 2021 को 19 किलोग्राम सोना लूट के मास्टरमाइंड नरेंद्र उर्फ लाला को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम था। उसकी मां राजकुमारी और भाई अरुण भी पकड़े गए हैं। इन दोनों पर भी 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में पता चला कि बदमाश नरेंद्र उर्फ लाला ने सोना ऋण कंपनी में डकैती डालने के बाद पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में किराये पर मकान ले रखा था। लोगों से अपनी पहचान भी छिपा रखी थी। उसके भाई और मां भी बाहर से आकर रहना बताते थे। उसने किराना की दुकान भी खोल ली थी। अपने आसपास के लोगों को यह नहीं पता चलने देता था कि उसका असली नाम क्या है। वह साढ़े चार किलोग्राम सोने के जेवरात लेकर आठ महीने से फरारी काट रहा था। इस दौरान उसने कई ठिकाने भी बदले।
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आरोपी नरेंद्र लाला (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में पैरोल पर आया था बाहर, दर्ज हैं 17 मुकदमे
नरेंद्र उर्फ लाला फिरोजाबाद के दक्षिण थाना क्षेत्र के मोहल्ला हिमायूंपुर का रहने वाला है। वह कोरोना काल में पैरोल पर जेल से बाहर आया था। उस पर जिले के विभिन्न थानों में लूट, हत्या का प्रयास के साथ अन्य धाराओं में 17 मुकदमे दर्ज हैं। लाला के खिलाफ दक्षिण थाने में वर्ष 2007 में हिस्ट्रीशीट खोली गई थी, जिसका नंबर 164 ए था। 17 में से सात मुकदमों में लाला को सजा भी हो चुकी थी।
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इसी शाखा में डाली गई थी डकैती
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, नरेंद्र उर्फ लाला का पूरा परिवार अपराधी है। उसके भाई जयहिंद का पुलिस ने काफी समय पहले एनकाउंटर किया था। उसने दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। उसकी बहन विजय उर्फ विजइया जेल में बंद हैं, वो भी लूट में आरोपी थी। नरेंद्र उर्फ लाला भी जेल में बंद था। वर्ष 2020 में कोरोना काल में उसे पैरोल पर छोड़ दिया गया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपराध की दुनिया में फिर से कदम रख लिया। उसने अपने साथियों के साथ आगरा में मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में लूट की वारदात को अंजाम दे डाला।
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लाला का भाई अरुण (बायें), मास्टरमाइंड लाला (दायें)
- फोटो : अमर उजाला
बस से दिल्ली, टैक्सी से ओडिशा के बाद पहुंचा था पश्चिम बंगाल
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि नरेंद्र उर्फ लाला वारदात के बाद सीधे अपने घर भागा था। वहां से अपनी मां राजकुमारी और भाई अरुण को साथ ले लिया। फिरोजाबाद से बस में बैठने के बाद दिल्ली चला गया। वारदात के बाद पुलिस की चेकिंग में भी वो पकड़ा नहीं जा सका। दिल्ली में कुछ दिन रुकने के बाद टैक्सी से ओडिशा चला गया था। तब भी पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई थी। इस पर पुलिस के पहुंचने से पहले उसने अपना ठिकाना बदल दिया था। पश्चिम बंगाल में किराये के मकान में रहने लगा।
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सीसीटीवी फुटेज में दिखा था आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को 15 दिन पहले सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन मिली थी। इस पर एक टीम को भेजा गया था। देखा गया कि लाला ही है या फिर कोई और। टीम ने लाला की पुष्टि की। इस पर एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने विशेष टीम का गठन किया। टीम दो दिन से पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में डेरा डाले थी। शुक्रवार को लाला को मां और भाई के साथ पकड़ लिया। पुलिस उसे आगरा लाने के बाद विस्तृत पूछताछ करेगी। उससे लूटा गया पूरा सोना बरामद करने के प्रयास किए जाएंगे। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के भी प्रयास किए जाएंगे।
वारदात के बाद बरामद किया गया सोना
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चार किलोग्राम सोना अब तक नहीं हुआ रिलीज
सीओ हरीपर्वत एएसपी सत्य नरायन ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों से कुल 11.300 किलोग्राम सोना बरामद हुआ था। बाकी साढ़े चार किलोग्राम सोना मास्टरमाइंड लाला के पास था। इनमें से वारदात के बाद मुठभेड़ में दो बदमाशों से मिला तकरीबन 7.5 किलोग्राम सोना कोर्ट के आदेश पर रिलीज कर दिया गया, जबकि तकरीबन चार किलोग्राम सोना सदर मालखाने में रखा गया है। कई अभियुक्तों से अलग-अलग जेवरात मिले थे। इस पर कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट मांगी थी। कोर्ट से आदेश मिलने पर इसे सौंप दिया जाएगा।