बाबू जी कहां हैं...फिरोजाबाद के दंपती ने स्कॉर्पियो की खिड़की को आधा नीचे कर जब महिला से पूछा तो ठेल पर कांजी-बड़े तैयार कर रही महिला की आंखों में आंसू आ गए। साड़ी के पल्लू से आंसू पोंछते हुए महिला बोली, उन्हें दुनिया से विदा हुए एक साल से ज्यादा समय हो गया। अब वो उनकी विरासत संभाल रही हैं। कोरोना काल के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक ब्लॉगर की वजह से आगरा के कांजी-बड़े वाले बाबा को काफी सुर्खियां मिली थीं।
बात हो रही है कमला नगर की प्रोफेसर कॉलोनी के पार्क के बाहर कांजी-बड़े बेचने वाली महिला बबली कुशवाहा की। बबली, कांजी बड़े वाले बाबा नारायण सिंह की बहू हैं। सात जून 2021 को ससुर के निधन के बाद से कांजी-बड़े के स्वाद को बरकरार रखने की जिम्मेदारी बबली ने उठा रखी है।