शानदार प्रवेश द्वार, आलीशान कमरे। रात में रोशनी की जगमगाहट तो कर्मचारियों के लिए सुंदर कक्ष। यह किसी होटल का नजारा नहीं बल्कि कमिश्नरेट आगरा थाने और चौकियों का नजारा है। पुराने भवनों का कायाकल्प कर उन्हें मॉडल थाने और चौकियों के रूप में विकसित किया गया है। इससे पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य करने का माहौल और फरियादियों को राहत मिल रही है।
आगरा कमिश्नरेट के कई थाने अंग्रेजों के जमाने के हैं। पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ ने ऐसे थानों का कायाकल्प कराया। अब थाने किसी पंच सितारा होटल से कम नहीं लगते। मॉडल थानों में हरीपर्वत, लोहा मंडी, कमला नगर, न्यू आगरा, सिकंदरा और जगदीशपुरा हैं। जगदीशपुरा थाने का कायाकल्प हाल ही में हुआ है।
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जगदीशपुरा थाना
- फोटो : अमर उजाला
इन थानों में पुलिसकर्मियों के लिए अलग-अलग चैंबर बनाए गए हैं। खूबसूरत गेस्ट रूम हैं। कैफेटेरिया की तरह विवेचना कक्ष भी हैं। बेहतर माहौल में पुलिसकर्मी विवेचना कर सकेंगे। डाइनिंग रूम, मालखाना, आधुनिक सुविधाओं वाला मीटिंग रूम, जीडी ऑफिस भी है।
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जगदीशपुरा थाना
- फोटो : अमर उजाला
थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। फरियादियों को अच्छा अहसास कराने के लिए अलग से कमरे तैयार किए हैं, जहां सोफे और झूमर लगाए हैं। थाना परिसर में सेल्फी पॉइंट भी बना है।
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जगदीशपुरा थाना
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गाैड ने बताया कि जनता की बेहतर सेवा के लिए थानों का साैंदर्यीकरण कराया जा रहा है। लोगों को थाने में आने के बाद किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। उनकी शिकायत दर्ज होगी। इसके साथ ही वर्क कल्चर भी बदला जा रहा है। इससे कर्मचारियों को अच्छे माहौल में काम करने का अवसर मिलेगा।
बता दें थाना जगदीशपुरा शहर के सबसे पुराने थानों में शुमार है। इस थाने में जगदीशपुरा क्षेत्र के साथ ही आवास-विकास कॉलोनी का भी कुछ हिस्सा आता है। ये पुरानी तस्वीर इसी थाने की है। इस थाने का सौंदर्यीकरण होने के बाद अलग ही दृश्य नजर आ रहा है।