आगरा में डीएपी खाद की कालाबाजारी सामने आने पर सोमवार की शाम मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने दो सहकारी समितियों पर टीम के साथ छापा मारा। बरौली अहीर में स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी, एक माह का रिकॉर्ड न मिलने पर सचिव की विभागीय जांच के निर्देश दिए। बमरौली कटारा में लापरवाही पर सचिव को निलंबित करने के आदेश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि अब खसरा खतौनी दिखाने के बाद ही डीएपी खाद दी जाए।
मंडलायुक्त सबसे पहले बरौली अहीर समिति पर गईं। डीएपी के लिए काउंटर पर किसानों की कतार थी। स्टॉक कम था। घंटों कतार में लगने के बाद एकाध बोरी मिल रही थी। स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी मिली। एक महीने का रिकॉर्ड नहीं था। मंडलायुक्त ने समिति के सचिव के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए।
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मंडलायुक्त ने सहकारी समिति पर मारा छापा
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद वह बमरौली कटारा समिति पर पहुंचीं। यहां डीएपी नहीं थी। डीएपी की बिक्री में लापरवाही सामने आई। सचिव को निलंबित करने के आदेश दिए। बिक्री व्यवस्था से असंतुष्ट मंडलायुक्त ने कहा यदि भविष्य में डीएपी बिक्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक तथा सहकारिता एवं जिला कृषि अधिकारी के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।
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उन्होंने कहा कि डीएपी की किल्लत नहीं होनी चाहिए। जबरन किसानों को नैनो डीएपी तरल खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए। आवंटन की सुचारू व्यवस्था बनाएं। 24 घंटे के अंदर मुख्यालय पर सूचना भेजी जाए। दो दिन के अंदर समिति को डीएपी स्टाॅक उपलब्ध करा दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि जिले की सभी समितियों में भी वहां की मांग के अनुसार ही डीएपी का स्टाॅक आवंटित किया जाए। साथ ही खतौनी में दर्ज भूमि के अनुसार ही किसानों को व्यवस्थित रूप से डीएपी बेची जाए।
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किरावली तहसील क्षेत्र में तीन दिन पहले मुजफ्फरनगर से कालाबाजारी कर नमक व रिफाइंड के फर्जी बिल्टी पर लाई गईं 500 बोरी डीएपी ट्रक में पकड़ी गई थी। 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद एक समिति पर डीएपी बिक्री में गड़बड़ियां मिलीं। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा कि डीएपी कालाबाजारी के शिकायत मिलने पर केस दर्ज होगा।