आगरा के सुशील नगर स्थित ब्रह्मपुरी मोहल्ले में शुक्रवार को हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने शनिवार को विवाहिता के आरोपी पति गौरव, देवर अभिषेक, ससुर मदन और सास नीलम को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। इन पर पूजा की मां इंद्रा देवी ने हत्या, दहेज हत्या, दहेज उत्पीड़न की धारा में मुकदमा दर्ज कराया है। हत्या में प्रयुक्त दो डंडे और बांक बरामद हुए हैं। इरादतनगर के डूंडीपुरा की इंद्रा देवी ने बताया कि पूजा की शादी के छह साल हो गए थे। ससुराली कम दहेज का ताना मारते, मारपीट करते थे। पांच लाख रुपये और कार के लिए उत्पीड़न होता था। कई बार पंचायत भी हुई लेकिन ससुराली नहीं माने। दस अप्रैल को थाने में शिकायत की। पति राजीनामा करके घर ले गया था। मौसी सास का लड़का शिवम, पूजा की मदद करता था। हमें जानकारी देता था। शिवम को साजिश के तहत बुलाकर बांक व डंडों से उसकी हत्या कर दी गई। घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद है।
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आरोपी गौरव
- फोटो : अमर उजाला
पहले रिश्ते के भाई शिवम, फिर पत्नी पूजा की हत्या करने का आरोपी गौरव सिंह यूट्यूब पर अपना चैनल चलाता था। कभी भाई, कभी बच्चों तो कभी पत्नी के साथ शॉर्टे वीडियो बनाकर लोगों को संदेश देता था।
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आरोपी गौरव
- फोटो : अमर उजाला
भाई शिवम की वजह से रिश्ते में आई दरार पर अपने इरादे भी उसने यूट्यूब पर कुछ वीडियो हाल में अपलोड कर जाहिर किए। हाल के एक वीडियो में कहा कि पंछी अगर किसी दूसरे दाने का आदी हो जाए तो उसे आजाद कर देना चाहिए।
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पूजा और गौरव
- फोटो : अमर उजाला
गौरव सिंह लाइफ मोमेंट के नाम से बने चैनल में कुल 277 वीडियो अपलोड हैं। इसके 685 सब्सक्राइबर्स और व्यूवर हजारों में हैं।
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शिवम की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शिवम की गर्दन, पूजा के सिर में गहरी चोट
शिवम और पूजा के शवों का पोस्टमार्टम शनिवार दो डॉक्टरों के पैनल ने किया। शिवम के शरीर पर कई जगह चोट और गर्दन पर बांक से कई प्रहार थे। ज्यादा खून बहने से शिवम की मौत हुई। पूजा के सिर और पीठ पर बांक की गहरी चोट थी, उससे मौत हुई। डंडे मारने की भी चोट हैं।
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मृतक पूजा का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कहां रहेगा मासूम राघव?
गौरव का बेटा राघव पांच साल का है। मां पूजा की मौत हो चुकी है। पूरा परिवार जेल चला गया है। राघव को फिलहाल पुलिस ने अपने पास रखा है। चाचा कृष्णा भी इतना बड़ा नहीं है कि उसे संभाल सके। पुलिस अब बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करेगी।
ढाई सौ रुपये में खरीदा था बांक
अभिषेक ने पुलिस को बताया कि वह 250 रुपये में दस दिन पहले बांक खरीदकर लाया था। चांदी का काम करने की वजह से डंडे का प्रयोग करते थे। इन्हीं से हत्याकांड को अंजाम दिया।