तीसरे दिन रविवार को भी आगरा की हवा बेहद खराब की श्रेणी में रही। सुबह और शाम को शहर स्मॉग, धुआं और धूल की चादर में लिपटा रहा। दोपहर में कुछ देर धूप निकली। फिर बादल छा गए। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 418 के खतरनाक स्तर पर पहुंचने से जहां एक तरफ दमा रोगियों से लेकर बुजुर्गों व बच्चों की सांस फूलती रही वहीं दूसरी तरफ नोटिस के बाद भी खोदाई व निर्माण कार्यों से धूल के गुबार उड़ते रहे। सड़कों पर जाम में वाहन काला धुआं उगलते रहे।
दिवाली के बाद एक्यूआई स्तर दोगुना हो गया है। तीन दिन से शहर रेड जोन में शुमार है। ये हाल तब है जब उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने एनएचएआई, स्मार्ट सिटी, एडीए, जल निगम और मेट्रो को नोटिस जारी कर रखे हैं। जाम नियंत्रण के लिए अतिरिक्त फोर्स लगाने के आदेश हैं। फिर भी बीते तीन दिनों से हालात नहीं सुधरे। एक्यूआई लगातार बढ़ रहा है।