आगरा में मनाई दिवाली
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ग्रीन पटाखों का आदेश, मिले ही नहीं
दिवाली पर आगरा समेत प्रदूषित शहरों में रात 8 से 10 बजे तक दो घंटे केवल ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति थी, लेकिन पूरे शहर में ग्रीन पटाखे मिले ही नहीं। परंपरागत पटाखे ही अस्थायी बाजारों में मिले। प्रशासन के पटाखों को कभी हां, कभी ना के फैसले के कारण पटाखों को तय दाम से ज्यादा पर भी बेचा गया। ग्रीन पटाखों की जगह भारी प्रदूषण वाले पटाखों की बिक्री की गई। अस्थायी बाजारों के साथ घनी कालोनियों की दुकानों पर पटाखों की जबरदस्त खरीद हुई, जिस वजह से देर रात एक बजे तक शहर में पटाखों का शोर जारी रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कराई गई स्टडी में न केवल वायु प्रदूषण बढ़ा मिला, बल्कि ध्वनि प्रदूषण में भी इजाफा हुआ।