ताज महोत्सव में रविवार को 5000 साल पुरानी फैब्रिक की परंपरा झलकी। कच्छ का काला कॉटन, हरियाणा का रेजा और झारखंड का पंछी परिहन फैब्रिक के परिधान पहनकर 150 से अधिक मॉडल रैंप पर उतरीं। गाजियाबाद की एडीएम ऋतु सुहास ने इनका नेतृत्व किया।
भारतीय बुनकरों की लुप्त होती कला का प्रोत्साहित करने के लिए वर्ल्ड डिजाइनिंग फोरम ने शिल्पग्राम के मुक्ताकाशीय मंच पर फैशन शो आयोजित किया। कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक के परिधानों में सजीं मॉडल ने जगमगाती रोशनी और संगीत की स्वरलहरियों पर कैटवॉक किया। केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल व पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर ने शो का उद्घाटन किया। फोरम के सीईओ अंकुश अमानी ने बताया कि फैशन शो में सभी परिधान लुप्त होती परंपरा से लिए हैं। जिनका उद्देश्य बुनकरों की कला को बचाए रखना और संस्कृति का प्रोत्साहित करना है।
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