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किसी भी थाने में दर्ज करा सकती हैं एफआईआर? महिलाओं को रात में गिरफ्तार करने पर क्या है नियम

Fri, 25 Sep 2026 11:19 AM IST
दीक्षा पाठक यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला

सार

FIR: अगर आपके साथ किसी दूसरे शहर या इलाके में अपराध हुआ है तो शिकायत करने के लिए उसी जगह के थाने तक जाना जरूरी नहीं है। आप अपने पास के पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दे सकती हैं। वहीं, महिलाओं को रात के समय गिरफ्तार करने को लेकर भी कानून में खास नियम हैं।
 
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महिलाओं को रात में गिरफ्तार कर सकती है पुलिस? - फोटो : AI

मान लीजिए आपके साथ किसी दूसरे शहर में कोई अपराध हुआ और आप वापस अपने शहर आ गईं। ऐसे में शिकायत दर्ज कराने के लिए आपको दोबारा उसी शहर में जाने की जरूरत नहीं है। आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दे सकती हैं। इसे आम तौर पर जीरो एफआईआर कहा जाता है। इसका मतलब है कि घटना किसी दूसरे इलाके की होने के बावजूद पुलिस आपकी शिकायत दर्ज कर सकती है। इसके बाद मामला उस पुलिस स्टेशन को भेजा जा सकता है, जिसके इलाके में घटना हुई है। आगे की जांच वहीं की जाती है। तो आइए विस्तार से जानते हैं।

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एफआईआर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

 पुलिस शिकायत लेने से मना करे तो?
अगर मामला ऐसा है जिसमें पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी चाहिए, लेकिन पुलिस शिकायत लेने से मना कर रही है तो आप बड़े पुलिस अधिकारी को शिकायत दे सकती हैं। जरूरत पड़ने पर अदालत का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। यानी सिर्फ यह कहकर शिकायत लेने से मना नहीं किया जा सकता कि घटना हमारे इलाके में नहीं हुई है।

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arrested, arrest demo - फोटो : सोशल मीडिया
क्या महिला को रात में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता?
महिलाओं की गिरफ्तारी को लेकर कानून में खास नियम है। मौजूदा कानून यानी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के मुताबिक आम तौर पर किसी महिला को सूरज डूबने के बाद और सूरज निकलने से पहले गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में रात में महिला की गिरफ्तारी हो सकती है। इसके लिए महिला पुलिस अधिकारी को लिखित रिपोर्ट तैयार करनी होती है और मजिस्ट्रेट से पहले अनुमति लेनी होती है। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि महिला को रात में किसी भी हालत में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। कानून में विशेष स्थिति के लिए अलग प्रक्रिया दी गई है।
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FIR Demo - फोटो : अमर उजाला

पुराने CrPC की जगह अब BNSS
एक बात और ध्यान रखना जरूरी है। पहले इन आपराधिक मामलों की प्रक्रिया के लिए CrPC यानी क्रिमिनल प्रोसीजर कोड लागू था। अब इसकी जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS लागू है। इसलिए आज के नियम जानने के लिए पुराने CrPC के बजाय BNSS के मौजूदा प्रावधान देखना चाहिए। आसान भाषा में कहें तो जीरो एफआईआर और महिलाओं की गिरफ्तारी, दोनों मामलों में कानून ने आम लोगों के लिए कुछ खास सुरक्षा और प्रक्रिया तय की है।

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