आजकल हर कोई अपना आधा से ज्यादा समय स्मार्टफोन ही बिता देता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यादातर काम ऑनलाइन होने लगे हैं। पढ़ाई, शॉपिंग या मनोरंजन सबकुछ स्मार्टफोन के जरिए ही हो रहा है। यहां तक कि लोग दिन भर सोशल मीडिया पर बिजी रहने लगे हैं। आपको हर इंसान अधिकतर समय मोबाइल में ही लगा हुआ मिल जाएगा। इंसान के पास फोन और उसमें इंटरनेट है, तो वो कहीं भी रह सकता है। यही वजह है कि मोबाइल अब लोगों के लिए टाइम पास का साधन बन चुका है। लेकिन मोबाइल की स्क्रीन पर ज्यादा देर तक देखना आपकी आंखों के लिए सही नहीं होता है। ऐसा स्क्रीन की ब्राइटनेस की वजह से होता है। फोन की ज्यादा ब्राइटनेस आपकी आंखों पर असर डालती है। इसलिए जरूरत और बैकग्राउंड के हिसाब से ब्राइटनेस को कम ज्यादा करते रहना चाहिए। चलिए आज जानते हैं कि स्मार्टफोन में कौन सा काम करते समय कितनी ब्राइटनेस रखनी चाहिए...