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Padma Awards 2022: जानिए कौन हैं सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी, जिनको किया गया पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित

Wed, 26 Jan 2022 01:35 PM IST
ज्योति मेहरा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जानिए कौन हैं सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी - फोटो : facebook/SadgurudevGoa
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गयी थी। इसबार 107 नामों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए चुना गया है। जिसमें एक नाम सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी का भी है। इन्हें अध्यात्म के क्षेत्र में महान योगदान देने के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ये स्वामीजी के प्रत्येक अनुयायी और श्री दत्ता पद्मनाभ पीठ के प्रत्येक भक्त के लिए, बहुत गर्व और खुशी का क्षण है। ये स्वामीजी के दिव्य कार्य की सरकार द्वारा मान्यता है, जो दुनिया भर में फैल गया है। आज हम आपको सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी के जीवन के बारे कुछ बातें बताने जा रहे हैं, जिसका एक कारण ये भी है कि इनका जीवन प्रेरणा से भरा हुआ है। 41 वर्षीय ब्रह्मेशानंद स्वामी का जन्म उत्तरी गोवा के सिरसैम में हुआ था। वह बचपन से ही ध्यान और आध्यात्मिकता की ओर आकर्षित थे। दत्त पद्मनाभ संप्रदाय के तत्कालीन प्रमुख ब्रह्मानंदाचार्य स्वामी ने उन्हें अपने अधीन कर लिया। 21 साल की उम्र में, ब्रह्मानंद स्वामी को ब्रह्मानंद आचार्य स्वामी के उत्तराधिकारी के लिए पद्मनाभ शिष्य संप्रदाय का पांचवा पीठाधीश नियुक्त किया गया था। ब्रह्मेशानंद स्वामी ने 24 मई, 2002 को संप्रदाय की बागडोर संभाली।
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जानिए कौन हैं सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी - फोटो : facebook/SadgurudevGoa
बताया जाता है कि ब्रह्मेशानंद स्वामी के जन्मजात दिव्य गुण कम उम्र में ही दिखने लगे थे। सात साल की उम्र में, स्वामीजी हारमोनियम बजाने और भगवद गीता पढ़ने का हुनर रखते थे। आगे चलके वे ध्यान, साधना और तपस्या के जीवन की आकांक्षा करने लगे, जिसके उन्होंने अपने घर को त्याग दिया और एक तपस्वी के जीवन को अपनाने, विभिन्न कठोर आध्यात्मिक पथों के अध्ययन और अभ्यास के लिए समर्पित कर दिया।
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जानिए कौन हैं सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी - फोटो : facebook/SadgurudevGoa
हिंदू धर्म के विद्वान यानी ब्रह्मेशानंद स्वामी ने उपनिषद, न्याय शास्त्र, अष्टांग योग शास्त्र, पूर्व मीमांसा, उत्तर मीमांसा, वेदांत शास्त्र, यज्ञ-यग, कर्मकांड, पौरोहित्य, काव्यशास्त्र, नारदीय कीर्ति परगना, काव्यशास्त्र, नारदीय कीर्तन के अध्ययन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। 

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जानिए कौन हैं सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी - फोटो : facebook/SadgurudevGoa
सद्गुरु ब्रह्मेशानंद भारतीय शास्त्रीय संगीत के एक गहन प्रेमी है। उनके पास धर्म और आध्यात्मिकता के गहरे पहलुओं पर अपनी बातचीत के साथ अपने दर्शकों को घंटों तक बांधे रखने की कला भी है। ब्रह्मेशानंद स्वामी आध्यात्मिक, शैक्षिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सक्रिय 21 संस्थानों के प्रमुख हैं, जो भारत और विदेशों में पद्मनाभ संप्रदाय का काम करते हैं।
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जानिए कौन हैं सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी - फोटो : facebook/SadgurudevGoa
साथ ही संघर्ष समाधान और प्रगति के लिए अंतर-धार्मिक संवाद के एक मजबूत समर्थक, द्रष्टा विभिन्न अंतर-धार्मिक अंतर्राष्ट्रीय शांति बैठकों में नियमित रूप से प्रतिष्ठित वक्ता हैं। वह हाल ही में कोलंबो, श्रीलंका में हिंदू-बौद्ध सभाओं के लिए "शांति संयोजक" भी थे। अपने हजारों युवा अनुयायियों के लिए, ब्रह्मेशानंद स्वामी श्रद्धा में डूबे हुए एक प्रतीक हैं।
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जानिए कौन हैं सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी - फोटो : facebook/SadgurudevGoa
अपने छात्र जीवन से ही तपोभूमि में एक नियमित साधक रहीं, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, चेन्नई की वैज्ञानिक 'अंकिता पडेलकर' का कहना है कि “मेरे सहित कई लोगों ने पूज्यनीय सद्गुरु जी के दिव्य मार्गदर्शन के माध्यम से अपने जीवन का उद्देश्य पाया है। हमारी पहचान और हम जो कुछ भी हैं केवल सतगुरु जी के प्यार और आशीर्वाद के कारण ही हैं। ये वास्तव में परमात्मा के प्रति अपार खुशी और कृतज्ञता का क्षण है।"
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