PM Vishwakarma Yojana: सरकार ने श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की है। इस योजना में 18 हस्त व्यवसायों को शामिल किया गया है। इसमें कारपेंटर (बढ़ई), नाव बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, सुनार, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले (कुम्हार), मूर्तिकार, राज मिस्त्री, मछली का जाल बनाने वाले, टूल किट निर्माता, पत्थर तोड़ने वाले, मोची/जूता कारीगर, टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले, गुड़िया और अन्य खिलौना निर्माता (पारंपरिक), नाई, माला बनाने वाले, धोबी, दर्जी का काम शामिल है।
विश्वकर्मा योजना के तहत सुनार, लोहार, नाई और चर्मकार जैसे पारंपरिक कौशल रखने वाले कारीगरों को कई फायदे मिलेंगे। सरकार की तरफ से इस योजना में 18 पारंपरिक कौशल वाले व्यवसायों को शामिल किया है। इससे देशभर में मौजूद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता मिलेगी। आइए जानते हैं कि इस योजना में आवेदन करने के लिए किस कागजातों की जरूरत होती है और कैसे आवेदन करते हैं।