फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indian Railways: ट्रेन में लगे पंखों को नहीं कर सकता कोई चोरी, जानेंगे तकनीक तो पड़ जाएंगे सोच में

Thu, 29 Dec 2022 03:57 PM IST
प्रकाश चंद जोशी यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
भारतीय ट्रेन में पंखों में कौन सी तकनीक का इस्तेमाल होता है? - फोटो : istock
Indian Railways: आपने कभी न कभी तो भारतीय ट्रेन से सफर किया ही होगा और इस दौरान आपने कई तरह की सुविधाओं का लुफ्त भी उठाया होगा। जैसे- शौचालय की व्यवस्था, खानपान की सुविधा आदि। इसके अलावा अगर आप देखेंगे तो एसी क्लास में तो एसी होता ही है, लेकिन लोकल से लेकर स्लीपर क्लास तक में यात्रियों की सुविधा के लिए पंखे भी लगे होते हैं। वहीं, कई मामले ऐसे सामने आते हैं जिनमें लोग रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं या फिर इसे चोरी कर ले जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ट्रेन के पंखे को अगर चोरी कर भी लिया जाए तो ये घरों पर नहीं चल सकता? इसलिए अब चोर भी ये पंखे चोरी नहीं कर पाते हैं। तो चलिए बिना देर किए जानते हैं आखिर ऐसा कैसे हो पाता है। आप अगली स्लाइड्स में इस बारे में जान सकते हैं...
विज्ञापन

2 of 5
भारतीय ट्रेन में पंखों में कौन सी तकनीक का इस्तेमाल होता है? - फोटो : Istock
  • दरअसल, चोरी की कई घटनाओं के बाद रेलवे ने ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जिसमें ट्रेन में लगे पंखे तब तक ही काम करते हैं, जब तक ये ट्रेन में लगे हैं। कोई अगर इन्हें चुराकर घर पर चलाने की सोचे, तो वो ऐसा नहीं कर सकता है।
विज्ञापन

3 of 5
भारतीय ट्रेन में पंखों में कौन सी तकनीक का इस्तेमाल होता है? - फोटो : istock
ये है वो तकनीक
  • अमूमन जो घरों में बिजली इस्तेमाल की जाती है, वो दो तरह की होती है। पहली अल्टरनेटिव करेंट यानी एसी जिसकी अधिकतम पावर 220 वोल्ट होती है। दूसरा है डायरेक्ट करेंट यानी डीसी जिसकी अधिकतम पावर पांच, 12 या 24 होती है।

4 of 5
भारतीय ट्रेन में पंखों में कौन सी तकनीक का इस्तेमाल होता है? - फोटो : istock
  • जबकि जो ट्रेन में लगे पंखे हैं वो 110 डीसी में चलते हैं। इसलिए इन पंखों को अगर आप चुराकर घर भी ले आएं, तो ये किसी काम के नहीं होते क्योंकि ये चल नहीं पाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
भारतीय ट्रेन में पंखों में कौन सी तकनीक का इस्तेमाल होता है? - फोटो : istock
चोरी करना दंडनीय अपराध
  • अगर आप ट्रेन की किसी भी संपत्ति को चोरी करते हैं, तो ये दंडनीय अपराध है। आईपीसी की धारा 380 के तहत मामला दर्ज हो सकता है, जिसके बाद अगर आरोपी दोषी पाया जाता है तो उसे 7 साल की जेल हो सकती है। साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें