दुती चंद
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दुती चंद ने क्या कहा?
भारतीय फर्राटा धाविका दुती चंद ने मुक्केबाजी विवाद के बीच अल्जीरियाई मुक्केबाज इमाने खेलीफ का समर्थन किया है। दुती चंद ने अपने करियर में इसी तरह की जांच का सामना किया है। उन्होंने विवाद के बारे में बात की। चंद का स्वाभाविक रूप से उच्च टेस्टोस्टेरोन स्तर वाले एथलीटों से संबंधित आईओसी के नियमों को चुनौती देने का इतिहास रहा है। 2014 में उन्होंने सफलतापूर्वक एक नियम लड़ा जिसने एथलीटों को प्रतिस्पर्धा से ऊंचा टेस्टोस्टेरोन के साथ खेलने से रोक दिया था। उनकी ओर से यह तर्क दिया गया था कि इस तरह के जैविक अंतर जरूरी अनुचित लाभ प्रदान नहीं करते हैं। खेलीफ और कारिनी की घटना ने भी लैंगिक योग्यता के मुद्दों को बढ़ा दिया है और दुती चंद वाले विवादों की याद दिलाता है।
दुती चंद ने पीटीआई से कहा, '2014 में मैंने आईओसी के उस नियम को चुनौती दी थी जिसमें कहा गया था कि टेस्टोस्टेरोन के उच्च स्तर वाले व्यक्ति को स्विट्जरलैंड में खेल पंचाट में भाग नहीं लेना चाहिए। यह नोट किया गया था कि हार्मोनल स्तर एथलेटिक प्रदर्शन को नहीं बढ़ा सकता है। मुझे उस समय बहुत कष्ट हुआ। मुझे अपने लिंग को लेकर बहुत विवादों का सामना करना पड़ा। गुरुवार को ओलंपिक मैच के दौरान, (एंजेला) कारिनी ने हार मान ली और अब वह उच्च टेस्टोस्टेरोन के स्तर के कारण अल्जीरियाई मुक्केबाज के बारे में शिकायत कर रही हैं। जब आप ओलंपिक में खेलते हैं, तो आपको कई परीक्षणों से गुजरना पड़ता है। मुझे नहीं लगता कि इस सोशल मीडिया के बारे में विवाद पैदा करना सही है।