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Paris Olympics: इमाने खेलीफ के बाद एक और विवादित मुक्केबाज की जीत से शुरुआत, महिला एथलीट पर जमकर बरसाए मुक्के

Sat, 03 Aug 2024 09:56 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

इमाने और 28 साल की लिन अपनी लिंग पात्रता को लेकर राजनीतिक रूप से उलझी हुई हैं। खेलीफ और लिन दोनों ने बिना किसी विवाद के 2021 टोक्यो ओलंपिक में खेली थीं, लेकिन यहां उन्हें विवादों का सामना करना पड़ रहा है।
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लिन यू टिंग - फोटो : Twitter
पेरिस ओलंपिक में लैंगिक योग्यता का मामला चर्चा में है। गुरुवार को अल्जीरिया की इमाने खेलीफ महिलाओं की 66 किलोग्राम वर्ग के मुकाबले में इटली के एंजेला कारिनी के खिलाफ जीत हासिल की थी। मैच शुरू होने के 46 सेकंड बाद ही कारिनी ने मैच से हटने का फैसला किया था। उन्होंने कहा था कि खेलीफ के पंच इतने तगड़े थे कि उन्हें लगा कि वह चोटिल हो जाएंगी। खेलीफ का एक पंच कारिनी ने नाक पर जाकर लगी और वह दर्द के मारे कराह उठी थीं। बाद में खेलीफ पर पुरुष गुणसूत्रों वाला खिलाड़ी होने के आरोप लगे थे। खेलीफ को पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में एक्सवाई गुणसूत्र होने के आरोप लगे थे।
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पेरिस - फोटो : Twitter
सिर्फ खेलीफ नहीं, उस चैंपियनशिप में एक और खिलाड़ी को इसी वजह से बाहर किया गया था। वह हैं ताइवान की लिन यू-टिंग। अब लिन यू ने भी पेरिस में अपने शुरुआती मुकाबले में महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उज्बेकिस्तान की सितोरा तुर्दीबेकोवा को सर्वसम्मत अंक के फैसले पर हराया। हालांकि, इस दौरान लिन यू टिंग महिला मुक्केबाज पर जमकर मुक्के बरसाती दिखीं। हालांकि, लिन ने तुर्दीबेकोवा को शक्ति के बजाय चालाकी से हराया। जैब्स के साथ स्कोर करने के लिए अपनी पहुंच का उपयोग किया और लड़ाई को एकतरफा बनाने के लिए उज्बेक खिलाड़ी के प्रयासों को दरकिनार कर दिया। जीत के बाद लिन ने मीडिया से बात करने से परहेज किया।
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इमाने और 28 साल की लिन अपनी लिंग पात्रता को लेकर राजनीतिक रूप से उलझी हुई हैं। खेलीफ और लिन दोनों ने बिना किसी विवाद के 2021 टोक्यो ओलंपिक में खेली थीं, लेकिन यहां उन्हें विवादों का सामना करना पड़ रहा है। टोक्यो ओलंपिक के बाद इन दोनों को पात्रता मानदंड को पूरा करने में विफल रहने के बाद अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (IBA) द्वारा संचालित नई दिल्ली में 2023 विश्व चैंपियनशिप से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने मुक्केबाजों को फ्रांस की राजधानी में प्रतिस्पर्धा करने के लिए मंजूरी दे दी है, जिससे बाकी मुक्केबाजों और फैंस में नाराजगी है। आईओसी ने पेरिस खेलों के आयोजन की जिम्मेदारी वित्तीय, नैतिक और संचालन मुद्दों पर आईबीए से छीन ली है।
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इमाने खेलीफ - फोटो : Twitter
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने खेलीफ और लिन को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने के अपने फैसले पर कायम रहते हुए कहा था कि महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाला हर कोई प्रतियोगिता पात्रता नियमों का पालन कर रहा है। वे अपने पासपोर्ट में महिलाएं हैं। पेरिस ओलंपिक में खेलीफ का अगला मुक्केबाजी मैच हंगरी की अन्ना लुका हमोरी के खिलाफ होगा। पेरिस ओलंपिक में महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता में खेलीफ की भागीदारी को लेखक जेके राउलिंग और एलोन मस्क जैसी प्रमुख हस्तियों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। उन्होंने तर्क दिया है कि पुरुष गुणसूत्रों वाले एथलीटों को महिलाओं के खेलों में प्रतिस्पर्धा नहीं करनी चाहिए।
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