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आज का योग: क्या आपको भी रहती है दिनभर थकान और लो-एनर्जी की समस्या? इन योगासनों से पा सकते हैं राहत

Sun, 26 Dec 2021 12:18 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लो एनर्जी को कैसे दूर करें - फोटो : Pixabay
शरीर को दिनभर चुस्ती और फुर्ती के साथ काम करते रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा की आवश्यता होती है। पर हम में से ज्यादातर लोग अक्सर दिन में थोड़े से काम के बाद ही थकावट और ऊर्जा में कमी का अनुभव करने लगते हैं। ऊर्जा की कमी से न केवल आपके काम की उत्पादकता कम हो सकती है, साथ ही यह आत्मविश्वास में भी कमी का कारण बनती है। यही कारण है कि सभी लोगों को खान-पान और शारीरिक व्यायाम पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक दैनिक जीवन में कुछ योगासनों को शामिल करके न सिर्फ आप थकान और लो-एनर्जी की समस्या को कम कर सकते हैं, साथ ही यह योगासन आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। यदि आप भी अक्सर लो-एनर्जी की समस्या से परेशान रहते हैं तो इन योगासनों का नियमित रूप से अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
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उष्ट्रासन करने के लाभ - फोटो : Istock
कैमल पोज का अभ्यास
उष्ट्रासन या कैमल पोज का अभ्यास करना शरीर के ऊर्जा के स्तर को बेहतर बनाए रखने में सहायक होता है। यह योगासन आपके पेल्विक मांसपेशियों सहित पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग करने और रक्त के संचार को बढ़ावा देने में सहायक मानी जाती है। शरीर को ऊर्जावान बनाने के साथ सहनशक्ति के निर्माण तथा कार्यक्षमता को बढ़ावा देने में इस योगासन को विशेष फायदेमंद माना जाता है।
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भुजंगासन योग के फायदे - फोटो : Istock
भुजंगासन योग
कोबरा पोज या भुजंगासन योग का अभ्यास करना शरीर के सभी मुख्य चक्रों को उत्तेजित करने में सहायक माना जाता है। यह शरीर की शक्ति और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में बेहद फायदेमंद योगासनों में से एक है। भुजंगासन योग, कमर और पीठ में दर्द के साथ शरीर में रक्त के संचार को ठीक करने में भी फायदेमंद माना जाता है।
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चक्रासन योग के फायदे - फोटो : Pixabay
व्हील पोज़ का करें अभ्यास
व्हील पोज़ आपके शरीर को ऊर्जावान बनाने के साथ स्ट्रेच करने का एक अच्छा तरीका माना जाता है। यह हृदय चक्रों के आसपास किसी भी रुकावट को दूर करते हुए, रीढ़ की गतिशीलता और लचीलेपन को बढ़ावा देता है। पेट की मांसपेशियों को भी स्वस्थ और बेहतर ढंग से काम करने के योग्य बनाने में इस योग के नियमित अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है।


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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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