12 जनवरी रविवार को स्वामी विवेकानंद की 157 वीं जयंती है। भारत में उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है। विवेकानंद का निधन महज 39 साल की उम्र में हो गया था। युवाओं को संबोधित करते उनके कुछ संदेश खासे मशहूर रहे। पेश हैं स्वामी विवेकानंद के ऐसे ही कुछ संदेश....
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उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक तुम्हें तुम्हारे लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।
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कोई एक ध्येय (विचार) बना लो और उस विचार को अपनी जिंदगी बना लो। उस विचार को बार-बार सोचो, उसके सपने देखो और उसे जियो। दिमाग, मांसपेशियां, नसें और शरीर के हर भाग में उस विचार को भर लो और बाकी हर विचार छोड़ दो। यह सफल होने का रास्ता है।
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हम वो हैं जो हमारे विचारों ने हमें बनाया है, इसलिए आप जो भी सोचते हैं उसका ख्याल रखिए। शब्द बाद में आते हैं, पहले विचार आते हैं। वे ज़िंदा रहते हैं और दूर तक जाते हैं।
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जब तक तुम खुद पर भरोसा नहीं कर सकते तब तक खुदा या भगवान पर भरोसा नहीं कर सकते।
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कभी मत सोचिए कि किसी भी आत्मा के लिए कुछ भी असंभव है। ऐसा सोचना सबसे बड़ा अधर्म है। खुद को या दूसरों को कमजोर समझना ही दुनिया में एकमात्र पाप है।
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यदि हम भगवान को हर इंसान और खुद में नहीं देख सकते तो हम उसे ढूंढ़ने कहां जा सकते हैं?
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जितना हम दूसरों की मदद के लिए सामने आते हैं और मदद करते हैं उतना ही हमारा दिल निर्मल होता है और ऐसे ही लोगों में ईश्वर होता है।
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- फोटो : SELF
यह दुनिया एक बहुत बड़ी व्यायामशाला है, जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।
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ब्रह्मांड में जितनी शक्ति है, वह हमारे अंदर ही मौजूद है। वह हम खुद हैं जिन्होंने अपने हाथों से अपनी आंखों को बंद कर लिया है और चिल्लाते हैं कि यहां अंधेरा है।