Ganesh Chaturthi 2020: जब भी हम कोई पूजा या अनुष्ठान करते हैं तो सर्वप्रथम गौरी नंदन गणेशजी की उपासना करते हैं। सभी देवताओं में प्रथम पूज्य माने जाने वाले गणेश जी का अवतरण दिवस गणेश चतुर्थी का पावन पर्व देश ही नहीं। अपितु विश्वभर के सनातन धर्मावलम्बियों द्वारा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। चारों तरफ उत्सव ही उत्सव, बस सबके मन में एक ही इच्छा कि हे विघ्नहर्ता हमारे भी बिगड़े काम बनाओ। जो भी भक्ति भाव से इन्हें पुकारता है गणपति उनकी मनोकामना अवश्य ही पूरी करते हैं। बड़े ही मनमोहक से दिखने वाले गणेश जी के भव्य और दिव्य स्वरुप, शारीरिक संरचना में भी विशिष्ट व गहरा अर्थ निहित है। शिवमानस पूजा में श्री गणेश को प्रणव यानी ॐ कहा गया है। इस एकाक्षर ब्रह्म में ऊपर वाला भाग गणेश का मस्तक, नीचे का भाग उद ,चंद्रबिंदु लड्डू और मात्रा सूंड है। इनकी चार भुजाएं चारों दिशाओं में सर्वव्यापता की प्रतीक हैं। उनकी छोटी पैनी आँखें सूक्ष्म -तीक्ष्ण दृष्टि की सूचक हैं।