आचार्य चाणक्य एक कुशल राजनीतिज्ञ, कूटनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री थे। इन्होंने अपने बुद्धिमत्ता, ज्ञान और नीतियों से ही नंदवंश का अंत करके चंद्रगुप्त मौर्य को एक साधारण बालक से सम्राट के रूप में स्थापित किया। आचार्य चाणक्य ने कई शास्त्र लिखे उन्हीं में से नीति शास्त्र भी है। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवनके हर क्षेत्र के बारे में महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। नीतिशास्त्र में धन को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। इन सुझावों को अपनाकर न केवल आर्थिक तौर पर मजबूत बन सकते हैं बल्कि एक सफल इंसान भी बन सकते हैं। चाणक्य नीति के अनुसार यदि व्यक्ति को धनवान बनना है तो इन बातों को कभी नहीं भूलना चाहिए। आइए जानते हैं चाणक्य कि धन के बारे में क्या कहती है चाणक्य नीति।