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चाणक्य नीति: ये होते हैं सच्चे साथी, अंतिम समय तक देते हैं मनुष्य का साथ, आप भी जानें

Thu, 29 Apr 2021 10:26 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान और योग्य शिक्षक थे। वे चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। उन्होंने विश्वप्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी और बाद में वहीं अध्यापक के रूप में विद्यार्थियों शिक्षा भी प्रदान की। आचार्य चाणक्य ने अर्थशास्त्र की रचना की थी इसलिए उन्हें कौटिल्य भी कहा जाता था। आचार्य चाणक्य की नीतियां आज के समय में भी बहुत प्रासंगिक हैं। नीतिशास्त्र की शिक्षाएं भले ही कठोर लगती हैं लेकिन ये आपको जीवन में सही रहा दिखाती हैं। आचार्य चाणक्य ने अपने जीवन में हर परिस्थिति का सामना किया था इसलिए वे जीवन की कड़वी सच्चाई से भी बहुत अच्छी तरह से वाकिफ थे। आचार्य चाणक्य नें ऐसी चीजों के बारे में बताया है जो मनुष्य का साथ अंतिम समय तक देती हैं।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
सच्चा साथी है ज्ञान, सदा साथ रहता है
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने घर से दूर परदेस में रहता है उसका सबसे सच्चा साथी ज्ञान होता है। ज्ञान ही व्यक्ति को विषम परिस्थितयों से बाहर निकालता है और अंतिम समय तक साथ निभाता है, इसलिए व्यक्ति को अपने जीवन में ज्ञान के महत्व के समझना चाहिए और जहां भी जैसे भी ज्ञान मिले अर्जित करना चाहिए।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
रोग के समय औषधि सच्ची साथी
चाणक्य नीति कहती है कि किसी भी रोगी मनुष्य की सच्ची मित्र औषधि होती है। दवाएं ही मनुष्य को बड़े से बड़े रोग से निकालती हैं और जीवन रक्षक होती हैं, इसलिए मनुष्य को कभी भी दवा लेने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
धर्म रहता है सदैव साथ
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य का सच्चा साथी धर्म होता है। धर्म व्यक्ति को सही और गलत का निर्णय करने की क्षमता प्रदान करता है। धर्म पर चलने वाला व्यक्ति सदैव सत्कर्मों की ओर प्रेरित होता है। धर्म अंत समय तक व्यक्ति के साथ रहता है। धर्म पर चलने वाले व्यक्ति जीवनभर और मृत्यु के बाद भी सम्मान प्राप्त करते हैं, इसलिए मनुष्य के सदैव धर्म का पालन करना चाहिए।
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