फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vat Savitri Vrat 2023: सुहागिनें इस दिन रखेंगी वट सावित्री व्रत, जानें वट वृक्ष की पूजा का महत्व

Fri, 12 May 2023 12:14 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
Vat Savitri Vrat 2023 Kab Hai - फोटो : गूगल
Vat Savitri Vrat 2023: ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि के दिन वट सावित्री व्रत रखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सौभाग्य के लिए वट सावित्री व्रत रखती हैं। मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण बचाए थे। तभी से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए हर साल ज्येष्ठ अमावस्या के दिन वट सावित्री व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं, उसकी परिक्रमा करती हैं और वृक्ष के चारों ओर कलावा बांधती हैं। आइए जानते हैं वट सावित्री व्रत की तिथि, और वट पूजा के महत्व के बारे में...  
 Adi Shankaracharya Jayanti 2023: जानिए शंकर से शंकराचार्य बनने की कहानी और चार धाम बनाने के पीछे का कारण
May 2023 Vrat Tyohar List: ये हैं मई महीने में पड़ने वाले व्रत-त्योहार और ग्रह गोचर की लिस्ट

 
विज्ञापन

2 of 5
Vat Savitri Vrat 2023 Kab Hai - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
वट सावित्री व्रत 2023 तिथि 
ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि आरंभ: 18 मई 2023, रात्रि 09: 42 मिनट से 
ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि  समाप्त:19 मई 2023, रात्रि 09: 22 मिनट पर 
ऐसे में उदया तिथि के अनुसार वट सावित्री अमावस्या व्रत 19 मई 2023, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा।
विज्ञापन

3 of 5
Vat Savitri Vrat 2023 Kab Hai - फोटो : अमर उजाला
वट सावित्री व्रत 2023 पूजा मुहूर्त
19 मई, शुक्रवार, प्रातः 07:19 मिनट से प्रातः 10: 42 मिनट तक  

4 of 5
Vat Savitri Vrat 2023 Kab Hai - फोटो : amar ujala
वट सावित्री व्रत पूजन सामग्री
बांस का पंखा, खरबूज,लाल कलावा,कच्चा सूत,मिट्टी का दीपक,घी,धूप-अगरबत्ती,फूल,रोली,14 गेहूं के आटे से बनी हुई पूड़ियां,14 गेहूं के आटे से बने हुए गुलगुले,सोलह श्रृंगार की चीजें,पान,सुपारी,नारियल,थोड़े से भीगे हुए चने,जल का लोटा, बरगद की कोपल,फल,कपड़ा सवा मीटर,स्टील की थाली, मिठाई,चावल और हल्दी, हल्दी के पेस्ट में थोड़ा सा पानी मिलाकर थापा के लिए, गाय का गोबर 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Vat Savitri Vrat 2023 Kab Hai - फोटो : amar ujala
वट सावित्री व्रत का महत्व
वट वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु व महेश तीनों देवताओं का वास है। इसलिए वट वृक्ष के नीचे बैठकर पूजन और  व्रत कथा सुनने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वट वृक्ष को ज्ञान, निर्वाण व दीर्घायु का पूरक माना गया है। जो सुहागन स्त्री वट सावित्री व्रत करती है और बरगद के वृक्ष की पूजा करती है उसे अखंड सौभाग्य का फल मिलता है और उसके सभी कष्ट दूर होते हैं। वट सावित्री का व्रत रखने से पति-पत्नी के बीच आपसी प्रेम बढ़ता है और वैवाहिक जीवन में मधुरता भी आती है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें