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Vat Savitri Vrat 2021 : वट सावित्री व्रत के दिन है पहला सूर्य ग्रहण, सुहागिन महिलाएं इस समय करें पूजा

Thu, 03 Jun 2021 06:23 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

  • ज्येष्ठ अमावस्या बेहद खास वट सावित्री, शनि जयंती के साथ इस दिन है सूर्य ग्रहण
  • 10 जून 2021 दिन गुरुवार को पड़ रही है ज्येष्ठ अमावस्या 
  • अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिन महिलाएं करती हैं वट सावित्री का व्रत
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वट सावित्री व्रत 2021
हर माह कृष्ण पक्ष की आखिरी तिथि को अमावस्या आती है। प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाने के साथ वट सावित्री व्रत भी किया जाता है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन विवाहित स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत करती हैं। इस बार की ज्येष्ठ अमावस्या बेहद खास है क्योंकि इस बार 10 जून 2021 दिन गुरुवार को अमावस्या के दिन साल 2021 का पहला सूर्यग्रहण लगेगा। यह सूर्य ग्रहण कंकणाकृति सूर्य ग्रहण होगा। ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले सूतक लग जाते हैं और पूजा-पाठ करना वर्जित होता है। हालांकि भारत की बहुत ही कम जगहों पर आंशिक रूप से सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा। यही कारण है कि भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा लेकिन फिर भी वट सावित्र के व्रत की पूजा को लेकर महिलाओं के मन में आशंका बनी हुई है। तो आइए जानते हैं कि कब से कब तक रहेगा सूर्य ग्रहण और वट सावित्री व्रत की पूजा के लिए कौन सा रहेगा सही समय।
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सूर्य ग्रहण 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : demo
कब से कब तक रहेगा सूर्य ग्रहण
10 जून 2021 दिन गुरुवार को दोपहर 01 बजकर 42 मिनट से सूर्य ग्रहण आरंभ हो जाएगा जो शाम 06 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा। इस तरह सूर्य ग्रहण की कुल अवधि लगभग पांच घंटे की रहेगी। आपको बता दें कि यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। इस कारण सभी कार्य किए जा सकेंगे। महिलाएं भी बिना किसी संशय के पूजन कर सकती हैं, लेकिन इस दिन पूजा करने के शुभ मुहूर्त के साथ कुछ मुहूर्त ऐसे भी हैं जिनमें पूजन करना सही नहीं रहेगा। अतएव यहां पर जान लें मुहूर्त।


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वट सावित्री व्रत 2021 - फोटो : mahesh kumar
अमावस्या तिथि वट सावित्री पूजा का शुभ मुहूर्त

ज्येष्ठ अमावस्या तिथि आरंभ- 9 जून 2021 दिन बुधवार दोपहर 01 बजकर 57 मिनट पर 
ज्येष्ठ अमावस्या तिथि समाप्त- 10 जून 2021 दिन गुरुवार शाम 04 बजकर 20 मिनट पर

वट सावित्री व्रत तिथि- 10 जून दिन गुरुवार
वट सावित्री व्रत पारण- 11 जून 2021 दिन शुक्रवार

शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक
अमृत काल - सुबह 08 बजकर 08 मिनट से सुबह 09 बजकर 56 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 08 मिनट से सुबह 04 बजकर 56 मिनट तक

इस समय न करें पूजन
राहुकाल- दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से शाम 03 बजकर 47 मिनट तक
यमगण्ड- प्रातः 05 बजकर 44 मिनट से सुबह 07 बजकर 24 मिनट तक
आडल योग- प्रातः 04 बजकर 57 मिनट से सुबह 11 बजकर 45 मिनट तक
दुर्मुहूर्त- सुबह 10 बजकर 12 मिनट से से सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक
कुलिक काल- सुबह 09 बजकर 05 मिनट से सुबह 10 बजकर 45 मिनट तक
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वट सावित्री व्रत 2021
वट सावित्री व्रत का महत्व
वट सावित्री व्रत सुहागिन स्त्रियां अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए रखती हैं। इस दिन महिलाएं श्रंगार करने के पश्चात वट वृक्ष (बरगद का पेड़) और सावित्री-सत्यवान की पूजा करती हैं। पूजा के पश्चात सावित्री सत्यवान की कथा पढ़ी जाती है और महिलाएं देवी सावित्री से प्रार्थना करती हैं कि उन्हें अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद प्रदान करें।
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