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'कामदेव' से जुड़ी कुछ रहस्मयी बातें, जिसे सभी स्त्री-पुरुष को जरूर जानना चाहिए

Fri, 15 Feb 2019 10:57 AM IST
Ayush Jha धर्म डेस्क, अमर उजाला
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कामदेव रति
सनातन परंपरा में 'पुरुषार्थचतुष्टय' के तहत धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चार प्रमुख चीजें बताई गई हैं। यदि इसमें काम की बात करें तो तमाम तरह की कामनाओं और इच्छाओं का नाम काम है। सनातन परंपरा में धर्म की मर्यादा में रहते हुए काम में प्रवृत्त होने की बात कही गई है। शास्त्रों में कामदेव को काम का देवता बताया गया है। 
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कामदेव के वो अस्त्र-शस्त्र जिनसे वह स्त्री पुरुष के मन में प्रेम की भावना को जगाते हैं

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कामदेव
किसके अवतार हैं कामदेव
कामदेव' को हिंदू देवी श्री के पुत्र और कृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न का अवतार माना गया है। एक कथा के अनुसार भगवान शिव ने जब कामदेव को भष्म कर दिया था, तब कामदेव ने अपने शरीर को वापस पाने के लिए काफी प्रयास किया। जिसके बाद भगवान शिव ने कामदेव को स्त्री पुरुषों के अंगों के अलावा कई अन्य वस्तुओं पर वास करने का अधिकार प्रदान किया।
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यह स्थान इस प्रकार हैं............

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flowers of valley
यहां होता है काम का वास
कामदेव का निवास यौवन, स्त्री, सुंदर फूल, गीत, परागकण, पक्षियों के स्वर, सुंदर बाग-बगीचा, बसंत ऋतु, चंदन, काम वासना, मंद हवा, सुन्दर घर, आकर्षक वस्त्र और आभूषण धारण किए अंगों पर है।

कामदेव के अस्त्र शस्त्र

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कामदेव - फोटो : अमर उजाला
कामदेव के अस्त्र-शस्त्र
कामदेव के अस्त्र-शस्त्र में विशेष रूप से धनुष बाण का जिक्र मिलता है। काम के देवता का धनुष हमेशा पीला माना गया है। "तीर कामदेव' का सबसे महत्वपूर्ण शस्त्र है। कामदेव का धनुष गन्ने का है जिसके तीन कोण हैं जो तीनों लोक, तीनों देवता ब्रह्मा, विष्णु और महेश के प्रतीक माने जाते हैं। यह धनुष इस बात को दर्शाता है कि मनुष्य के लिए सृष्टि का विकास करने के लिए काम जितना आवश्यक है, उतना ही कर्म और मोक्ष की प्राप्ति भी जरुरी है।
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love shayari
जब चलता है काम का तीर
कामदेव अपने जिन शस्त्रों से दूसरे के मन में प्रेम का भाव जगाते हैं, उसके लिए वह पुष्प के पांच बाण का प्रयोग करते हैं। कामदेव के धनुष-बाण की खासियत है कि इनसे घायल होने के बाद भी व्यक्ति आनंद और मिठास महसूस करता है। सबसे अहम बात यह इनके चलने की कोई आवाज नहीं आती है। 
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