हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास का शुभारंभ 07 अप्रैल, शुक्रवार से शुरू हो चुका है और इसका समापन 5 मई को जाएगा। इस मास का महत्व बताते हुए नारदजी ने कहा है कि परमपिता ब्रह्माजी ने इस माह को सभी महीनों में श्रेष्ठ बताया है। मान्यता है कि इस महीने में पवित्र नदियों में स्न्नान और श्रीकृष्णजी या उनके किसी भी अवतार की पूजा-सेवा करने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट होकर सुख-सौभाग्य मिलता है। इस महीने में जप, तप, ध्यान करना शीघ्र फलदाई माना गया है। इस महीने में छायादार वृक्ष जैसे आम, नीम, पीपल, बरगद आदि लगाने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। इसके अलावा पशु-पक्षियों को चारा, दाना-पानी की व्यवस्था करने से ग्रह दोष दूर होते हैं। वैशाख के महीने में भगवान विष्णु की सुगन्धित फूलों से पूजा करना बहुत पुण्यदायी है। वैसे तो भगवान श्री कृष्ण या उनके किसी भी स्वरूप की पूजा में कभी भी कोई भी पुष्प अर्पित किया जा सकता है लेकिन पदम पुराण के अनुसार किस मास में किन-किन फूलों का भगवान की पूजा में उपयोग करना अधिक फलदाई है।