शनिदेव का नाम आते ही अक्सर मन किसी अनिष्ट की आशंका से घबराने लगता है। शनि को यम, काल, दु:ख, दारिद्रय तथा मंद कहा जाता है। किसी भी परेशानी, संकट, दुर्घटना, आर्थिक नुकसान के होने पर यह मान लेते है कि शनि की अशुभ छाया पड़ी है। ऐसे में शनिदेव को हमेशा प्रसन्न रखने की ही कोशिश करनी चाहिए। शनिदेव प्रसन्न रहें, इसके लिए लोग शनि की पूजा करते हैं। लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जिनका ध्यान आपको अवश्य रखना चाहिए। ताकि शनि की कुदृष्टि आप पर ना पड़ने पाएं। शनि की पूजा के लिए शास्त्रों में कुछ खास नियम बताए गए हैं।
शनि जयंती के अवसर पर शनि साढ़े साती और ढैय्या से बचने के लिए शनि धाम कोकिलावन में कराएं तेल अभिषेक