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Shani jayanti 2020: ऐसे लोगों से कभी नहीं हटती शनि की अशुभ छाया, जो करते हैं ऐसी पूजा

Fri, 22 May 2020 03:11 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
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शनिदेव की पूजा
शनिदेव का नाम आते ही अक्सर मन किसी अनिष्ट की आशंका से घबराने लगता है। शनि को यम, काल, दु:ख, दारिद्रय तथा मंद कहा जाता है। किसी भी परेशानी, संकट, दुर्घटना, आर्थिक नुकसान के होने पर यह मान लेते है कि शनि की अशुभ छाया पड़ी है। ऐसे में शनिदेव को हमेशा प्रसन्न रखने की ही कोशिश करनी चाहिए। शनिदेव प्रसन्न रहें, इसके लिए लोग शनि की पूजा करते हैं। लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जिनका ध्यान आपको अवश्य रखना चाहिए। ताकि शनि की कुदृष्टि आप पर ना पड़ने पाएं। शनि की पूजा के लिए शास्त्रों में कुछ खास नियम बताए गए हैं।

शनि जयंती के अवसर पर शनि साढ़े साती और ढैय्या से बचने के लिए शनि धाम कोकिलावन में कराएं तेल अभिषेक
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पूजा में लाल रंग का न करें इस्तेमाल
शनि की पूजा में कभी भी भूलकर लाल रंग के फूल या कोई सामाग्री का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। लाल रंग मंगल का प्रतीक है और मंगल के साथ शनि की शत्रुता है। शनि की पूजा में हमेशा नीले या काले रंग का प्रयोग करना चाहिए।

शनि जयंती के शुभ अवसर पर कोकिलावन शनि धाम में चढ़ाएं 11 किलों तेल और पाएं अष्टम शनि ,शनि की ढैय्या एवं साढ़े - साती के प्रकोप से छुटकारा
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shani temple
शनि की पूजा पश्चिम दिशा में करें
शनि की पूजा में दिशा का विशेष महत्व होता है। शनि को पश्चिम दिशा का स्वामी माना जाता है इसलिए शनि की पूजा करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपका मुख पश्चिम दिशा की ओर ही होना चाहिए।

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शनि
शनिदेव की आंखों में न देखें
किसी पर भी अगर शनि की दृष्टि पड़ जाती है तो उसकी परेशानियां बढ़ने लगती हैं। ऐसे में कभी भी शनिदेव की मूर्ति के सामने खड़े होकर पूजा नहीं करना चाहिए। इसके अलावा पूजा के दौरान भूलकर भी शनिदेव की आंखों में नहीं देखना चाहिए।

शनि जयंती के अवसर पर शनि साढ़े साती और ढैय्या से बचने के लिए शनि धाम कोकिलावन में कराएं तेल अभिषेक
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shani
काला तिल ही चढ़ाएं
शनिदेव की पूजा में हमेशा काले तिल और खिचड़ी का ही भोग लगाएं। शनिदेव को काला तिल अर्पित करने पर व्यक्ति की कुंडली में अशुभ ग्रहों की छाया दूर हो जाती है।



शनि जयंती के शुभ अवसर पर कोकिलावन शनि धाम में चढ़ाएं 11 किलों तेल और पाएं अष्टम शनि ,शनि की ढैय्या एवं साढ़े - साती के प्रकोप से छुटकारा
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