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मंदिर में दीपक जलाने का ये है सही तरीका, राहू-केतु के प्रकोप से रहेंगे दूर

Tue, 05 Jun 2018 10:52 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
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मंदिर में दीपक जलाने का अपना एक खास महत्व होता है। बिना दीपक जलाए की गई कोई भी पूजा अधूरी सी मानी जाती है। मंदिर में दीपक जलाने से न सिर्फ सकारात्मक उर्जा का संचार होता है बल्कि कई ग्रह दोषों से मुक्ति भी मिल जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं घर के मंदिर में पूजा करने से पहले दीपक जलाते समय आपको कौन सी खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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ग्रह दोष से मुक्ति   
दीपक जलाने से राहु-केतु के बुरे प्रभाव से इंसान को मुक्ति मिलती है। यदि राहु-केतु के कारण जीवन में कोई समस्या आ रही है तो घर के मंदिर में अलसी के तेल का दीपक जलाएं। कहा जाता है कि ऐसा करने से राहु-केतु के बुरे प्रभाव से इंसान को मुक्ति मिलती है।
 
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धन की समस्या
अगर आपके घर में भी पैसों की तंगी बनी रहती है या फिर पैसा आता तो है पर टिकता नहीं है तो ऐसे में घर के मंदिर में सुबह-शाम घी का दीपक जलाना शुरू कर देना चाहिए। माना जाता है कि घर में घी का दीपक जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। साथ ही व्यक्ति रोग-कष्ट से भी दूर रहता है। 
 

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शत्रु नहीं कर पाएंगे परेशान
यदि कोई शत्रु आपको नुकसान पहुंचा रहा है तो ऐसी स्थिति में आपको सोमवार और शनिवार वाले दिन भैरव जी के मंदिर जाकर उनके सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। थोड़े समय में ही आपको अपने शत्रुओं पर इसका असर साफ दिखने लगेगा।
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व्यवसाय में लोगों के साथ मनमुटाव 
अगर आप कोई व्यवसाय करते हैं लेकिन वहां आपके लोगों से संबंध खराब हो रहे हैं या फिर ऑफिस में बॉस या सहकर्मियों के साथ मनमुटाव बना रहता है तो शनिवार को शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। इसके अलावा शनिवार को पीपल वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने शनि दोष से भी मुक्ति मिलती है। 

 
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खंडित दीपक
मंदिर या अपने घर के देव स्थान पर दीपक जलाते वक्त ध्यान रखें कि मिट्टी का दीपक खंडित न हो, पूजा स्थान पर टूटा हुआ दीपक रखना वर्जित माना जाता है। ध्यान रखें दीपक जलाते समय वह बीच में बुझना नहीं चाहिए। यदि दीपक पूजा के बीच में बुझ जाता है तो उसे अशुभ माना जाता है।
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