श्रावण गुरु प्रदोष 2021
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प्रदोष व्रत पूजा विधि
प्रदोष व्रत करने के लिए त्रयोदशी के दिन जल्दी सुबह उठकर स्नान करें। मन में प्रदोष व्रत को रखने का संकल्प लें। इसके बाद पूजा स्थल पर गंगा जल छिड़कें और शिव-पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। भगवान शिव को जल चढ़ाकर भगवान शिव का मंत्र जपें। पूरे दिन निराहार रहें। शाम को पुनः भगवान शिव की आराधना करें। उन्हें शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि चढ़ाएं। अंत में शिव आरती के बाद प्रसाद बांटें और भोजन ग्रहण करें। इस दिन शिव चालीसा और शिवाष्टक का पाठ करना लाभकारी होता है।