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Shardiya Navratri 2021: इस दिन से आरंभ होंगे नवरात्रि, जानिए तिथि, घटस्थापना मुहूर्त और विधि

Thu, 23 Sep 2021 06:49 AM IST
शशि सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
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शारदीय नवरात्रि 2021 - फोटो : अमर उजाला
एक वर्ष में दो बार छह माह की अवधि के अंतराल पर नवरात्रि आती हैं। मां दुर्गा को समर्पित यह पर्व हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रत्येक वर्ष आश्विन मास में शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का आरंभ होता है और पूरे नौ दिनों तक मां आदिशक्ति जगदम्बा का पूजन किया जाता है। इस बार शारदीय नवरात्रि 7 अक्टूबर 2021 दिन बृहस्पतिवार से आरंभ हो रही हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन नौ दिनों तक मातारानी पृथ्वी पर आती हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं और उनके दुखों को हर लेती हैं। नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी चंद्रघंटा कूष्मांडा स्कंदमाता कात्यायनी कालरात्रि महागौरी और सिद्धिदात्री माता की पूजा अर्चना की जाती है। जानिए महत्व, घटस्थापना मुहूर्त और विधि।
 
 
 
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शारदीय नवरात्रि 2021 - फोटो : Amar Ujala
शारदीय नवरात्रि महत्व
धर्म ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि मां भगवती दुर्गा की आराधना करने का श्रेष्ठ समय होता है। इन नौ दिनों के दौरान मां के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। नवरात्रि का हर दिन मां के विशिष्ट स्वरूप को समर्पित होता है, और हर स्वरूप की अलग महिमा होती है। आदिशक्ति जगदम्बा के हर स्वरूप से अलग-अलग मनोरथ पूर्ण होते हैं। यह पर्व नारी शक्ति की आराधना का पर्व है।
 
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शारदीय नवरात्रि 2021
प्रतिपदा तिथि घटस्थापना शुभ मुहूर्त-

अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ- 06 अक्टूबर 2021 दिन बृहस्पतिवार को शाम 04 बजकर 34 मिनट से
 
अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि समाप्त- 07 अक्टूबर 2021 दिन शुक्रवार दोपहर 01 बजकर 46 मिनट पर
 
घटस्थापना मुहूर्त- 07 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 17 मिनट से 07 बजकर 07 मिनट तक।
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शारदीय नवरात्र 2021
  • घटस्थापना विधि-
  • माता की चौकी लगाने के लिए उत्तर-पूर्व में एक स्थान को साफ कर लें और गंगाजल से शुद्ध करें।
  • एक लकड़ी की चौकी बिछाकर उस पर लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाकर माता रानी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  • अब सबसे पहले गणेश जी का ध्यान करें कलश स्थापित करने की विधि आरंभ करें।
  • नारियल में चुनरी लपेट दें और कलश के मुख पर मौली बांधे।
  • कलश में जल भरकर उसमें एक लौंग का जोड़ा, सुपारी हल्दी की गांठ, दूर्वा और रुपए का सिक्का डालें। 
  • अब कलश में आम के पत्ते लगाकर उसपर नारियल रखें।
  • अब कलश को मां दुर्गा की प्रतिमा की दायीं ओर कलश को स्थापित करें।
  • अब दीपक प्रज्वलित करके पूजा आरंभ करें।
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