भगवान शिव और भगवान विष्णु के बारे में तो सभी जानते है, लेकिन क्या आप इन दोनों के पुत्र के बारे में जानते हैं। आप ये जानकर एक पल के लिए हैरान जरूर हो जाएंगे, लेकिन ये सच है। पुराणों के अनुसार शिव जी और विष्णु जी का एक पुत्र था। जानिए इसके पीछे का रहस्य
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भगवान शिव और भगवान विष्णु के पुत्र का नाम था अयप्पा। आप सोच रहे होंगे कि दोनों के पुत्र कैसे संभव है।
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दरअसल अयप्पा भगवान विष्णु अवतार मोहिनी और भगवान शिव जी के पुत्र थे। इसीलिए इन्हें हरिहर पुत्र के नाम से भी जाना जाता है। पुराणों के अनुसार ये शास्ता के अवतार थे।
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पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन से निकले अमृत को लेकर जब दैत्य और देवताओं के बीच झगड़ा हो रहा था तो भगवान विष्णु ने मोहिनी का रुप धारण किया और दैत्यों का साथ छल किया।
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कहा जाता है कि मोहिनी इतनी अधिक खूबसूरत थी, जो भी एक बार उन्हें देख लें, वो उनकी तरफ मोहित हुए बिना नहीं रह सकता। इसी वजह से सभी दैत्य भी उनकी तरफ मोहित हो गए और मोहिनी ने धोखे से देवताओं को अमृतपान करवा दिया।
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जब भगवान शिव ने भगवान विष्णु अवतार के इस अवतार के बारे में सुना तो वे हरि निवास स्थान पर पहुंच गए और उनकी स्तुति वंदना की। भगवान विष्णु ने शिव जी को अपना मोहिनी रूप दिखाया।
मोहिनी ने लज्जा भाव से तिरछी नजर से शिवजी की और देखा और भोलेनाथ भी उनकी तरफ आकर्षित हो गए। भगवान शिव इतने अधिक आकर्षित हो गए कि वो मोहिनी के पीछे पीछे दौड़ने लगे। मोहिनी रूप धरे विष्णु और शिव के संसर्ग से भगवान अयप्पा का जन्म हुआ। अयप्पा की दक्षिण भारत में विशेष रुप से पूजा की जाती है।