2 अप्रैल, गुरुवार को राम जी का जन्मोेत्सव मनाया जाएगा। इस पावन दिन को रामनवमी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। भगवान राम ने विषम परिस्थितियों में भी स्थिति पर नियंत्रण रख सफलता प्राप्त की उन्होंने हमेशा वेदों और मर्यादा का पालन किया। स्वयं के सुखों से समझौता कर उन्होंने न्याय और सत्य का साथ दिया। जानिए भगवान राम के 5 ऐसे गुण जिनकी वजह से उनका जीवन सफल हुआ और वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाएं।