बद्रीनाथ स्थित यह है ब्रह्म कपाल। यहां ब्रह्मा जी को ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति मिली थी। शास्त्रों का कहना है कि यहां पर पिंड दान और श्राद्ध करने से आत्मा को मुक्ति मिल जाती है।
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ये हैं देश के वो 10 स्थान जहां जाने से मिलता है मोक्ष
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गढ़मुक्तेश्वर गढ़ गंगा भी उन स्थानों में शामिल है जहां लोग मोक्ष प्राप्त करने के लिए जाते हैं
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बिहार के गया में लोग प्रेतशिला के दर्शन करने और पिंड दान करने के लिए ही जाते हैं।
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भगवान जगन्नाथ की नगरी जगन्नाथपुरी में स्थित यह है इंद्रद्युम्न कुंड। ब्रह्मपुराण में उल्लेख है कि जो इस कुंड में एक बार भी स्नान कर लेता है वह इंद्रलोक को जाता है। यहां पिंड दान करने वाले की 21 पीढ़ियों का उद्घार होता है और स्वयं इंद्रलोक जाता है।
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यह है हरियाणा का प्रसिद्ध कपालमोचन और ऋणमोचन सरोवर। यहां स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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बनारस का मणिकर्णिका घाट भी मोक्ष प्राप्ति का एक मार्ग है।
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पशुपतिनाथ बागमती घाट भी मोक्ष प्राप्ति के लिए प्रसिद्ध है।
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पुष्कर मेला राजस्थान का सबसे बड़ा मेला होता है। इस दौरान यहां कई श्रद्धालू मोक्ष प्राप्ति के लिए आते हैं।
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केदारनाथ मंदिर से करीब 500 मीटर दूर सरस्वती नदी के तट पर रेतस कुंड स्थित
है। कहा जाता है कि इस कुंड के जल को पीने से मनुष्य शिवरूप
हो जाता है। यह भी मान्यता है कि यहां ऊं नम: शिवाय का जप करने पर पानी में
बुलबुले उठते हैं। उत्तराखंड में आई तबाही से यह कुंड लुप्त हो गया है।
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राजस्थान के झुंझुनूं जिले में स्थित यह है लोहार्गल सूर्य कुंड। यह स्थान
सूर्यदेव का घर माना जाता है क्योंकि सूर्यदेव ने विष्णु भगवान की तपस्या
से इस स्थान पर पत्नी छाया के साथ निवास करने का अधिकार पाया है। ऐसी कथा
है कि यहां सूर्य कुंड में स्नान करने के बाद पाण्डवों को महाभारत युद्घ
में किए ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति मिली थी। परशुराम जी को भी यहां
क्षत्रियों के वध के पाप से मुक्ति मिली थी। मान्यता है कि यहां स्नान करने
मात्र से मनुष्य के पाप कट जाते हैं।