पंचग्रास की परंपरा निभाएं
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ब्राह्मण और जरूरतमंदों को भोजन कराएं
इस अवधि में सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना चाहिए। इसके साथ ही अन्न, वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार अन्य वस्तुओं का दान करना भी पुण्यकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे पितरों को शांति मिलती है।
पंचग्रास की परंपरा निभाएं
पितृ पक्ष में भोजन करने से पहले थाली से गाय, कुत्ते, कौए, चींटियों और देवताओं के लिए भोजन का एक-एक अंश निकालने की परंपरा है। इसे पितृ पक्ष की महत्वपूर्ण परंपराओं में गिना जाता है। मान्यता है कि इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और पितृ दोष से राहत मिल सकती है।