हर धर्म में अहिंसा को सबसे परम धर्म माना गया है। लेकिन वह हिंसा जो अत्याचारी से अपनी रक्षा के लिए ना की गई हो, उसे सबसे बड़ा अधर्म माना जाता है और मांस का भोजन इसी प्रकार की हिंसा से प्राप्त होता है। इस तरह हिंदुओं के लिए मांस खाना सबसे बड़ा पाप माना जाता है। मांसभक्षण को लेकर महाभारत में घोर निंदा की गई है। महाभारत में कई ऐसे श्लोक हैं जो मांस ना खाने के आदेश देते हैं। आइए जानते हैं उन श्लोकों और उनके अर्थों के बारे में।