रक्षाकवच है कलाई पर बंधा कलावा
कलावा संकल्प, रक्षा एवं विश्वास का प्रतीक माना जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार कलावा बांधने से त्रिदेव - ब्रह्मा, विष्णु व महेश एवं त्रिदेवियां - लक्ष्मी, पार्वती व सरस्वती की असीम कृपा प्राप्त होती है। कलावा बांधने की प्रथा तबसे चली आ रही है, जब दानवीर राजा बली की अमरता के लिए श्री विष्णु अवतार वामन भगवान ने उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधा था। आज भी विद्वान लोग कलावा बांधते वक्त इस मंत्र का उच्चारण करते हैं —
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।