Mahashivratri Puja Samagri 2022 : हिंदू पंचाग के अनुसार फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है।चतुर्दशी तिथि एक मार्च सुबह 3:16 बजे से शुरू होकर देर रात्रि 1 बजे समाप्त होगी। शास्त्रों के एक श्लोक के अनुसार 'वेदः शिवः,शिवः वेदः'अर्थात वेद ही शिव हैं और शिव ही वेद हैं। कहा गया है, ''रुतम -दुःखम द्रावयति-नाशयतीति रुद्रः' यानि भगवान आशुतोष सभी दुखों को नष्ट कर देते हैं। भक्तजन भोलेनाथ को रिझाने के लिए जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक करने के साथ-साथ पंचामृत से भोलेनाथ का अभिषेक कर बिल्वपत्र, बेर, गाजर, सोंगरी चढ़ाकर और पंचोपचार पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ पत्ते ऐसे भी हैं जिन्हें महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ को अर्पित करके मनचाही कामना को पूर्ण कर सकते हैं।