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Mahashivratri 2021: महाशिवरात्रि के दिन रामचरित मानस की चौपाइयों से करें भगवान शिव को प्रसन्न

Thu, 04 Mar 2021 11:09 AM IST
विनोद शुक्ला पं जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य, नई दिल्ली

सार

  • रामचरितमानस पाठ दिन-रात्रि में, नौ दिनों में तथा तीस दिनों में भी करने का विधान है।
  •  इस बार महाशिवरात्रि 11 मार्च को मनाई जा रही है। 
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मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती विवाह हुआ था। - फोटो : Social Media
फाल्गुन कृष्णपक्ष में महाशिवरात्रि के पावनपर्व पर शिव के ईष्ट परमेश्वर श्रीराम का गुणगान करने वाली चौपाइयों और संपुटों का पाठ करके राम और शिव दोनों की कृपा प्राप्त की जा सकती है। अहर्निश शिव को राम नाम का जप करता देख मां सती ने पूछा कि, स्वामी आप तो ब्रह्म का ही विग्रह रूप हो तो फिर 'तुम्ह पुनि राम नाम दिन राती। सादर जपहु अनंग आराती।। हे परमेश्वर ! आप तो सृष्टि के आदि और अंत हैं फिर अहर्निश किन राम का नाम आदरपूर्वक जप करते रहते हैं।

शिव कहते हैं कि शिवे ! 'सुमिरन सुलभ सुखद सब काहू। लोक लाहू परलोक निबाहू।। पहले तो यह कि रामनाम का सुमिरन करना कठिन नहीं है, राम-राम हर प्राणी जप सकता है और यह 'राम राम' का जप जीवों को भवबंधन से मुक्त कर सकता है। इसलिए राम नाम का भजन-कीर्तन करने से प्राणी जीवन-मरण के बंधन से मुक्त होकर मुझपरमात्मा में विलीन हो जाता है।

रामचरितमानस पाठ दिन-रात्रि में, नौ दिनों में तथा तीस दिनों में भी करने का विधान है। जन्मकुंडली में ग्रह दोषों एवं अन्य लौकिक-अलौकिक कुप्रभावों से बचने के लिए भगवान राम का इस मंत्र से ध्यान करें और दी गयी चौपाइयों का प्रयोग कर सकते हैं।
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यात्रा में बाधाओं को दूर करने वाली चौपाइयां

बुद्धस्त्वमेव विबुधार्चित बुद्धि बोधात्। त्वं शंकरोऽसि भुवनत्रय शंकरत्वात्।| धाताऽसि धीर शिवमार्ग विधेर्विधानात्। व्यक्तं त्वमेव भगवन् ! पुरुषोत्तमोऽसि।। देव अथवा विद्वानों के द्वारा पूजित ज्ञान वाले होने से आप ही बुद्ध हैं। तीनों लोकों में शान्ति करने के कारण आप ही शंकर हैं। हे धीर ! मोक्षमार्ग की विधि के करने वाले होने से आप ही ब्रह्मा हैं। और हे स्वामिन् ! आप ही स्पष्टरुप से मनुष्यों में उत्तम अथवा नारायण हैं। उसके बाद अपनी कामना अनुसार इन चौपाइयों का जप करें।

यात्रा में बाधाओं को दूर करने वाली चौपाइयां
प्रतिदिन घर से बाहर रोजगार अथवा किसी कार्य के लिए निकलते समय सभी तरह के अशुभ मुहूर्त एवं दिशाशूल दोष समाप्त हो जाय इसके लिए मानस में दी गई मुहूर्त दोष निवारक इस चौपाई 'प्रबिसि नगर कीजै सब काजा। हृदय राखि कोसलपुर राजा। को तीन बार जपें। आपके सभी कार्य सिद्ध होंगे।

जन्मकुंडली के अशुभ ग्रहदोषों से मुक्ति
जन्मकुंडली के छठें, आठवें, बारहवें एवं मारकेश की अशुभ दशा से बचने के लिए चौपाइयां- 

राजिव नयन धरें धनु सायक। भगत बिपति भंजन सुखदायक।। 
संकट-नाश के लिये, जौं प्रभु दीन दयालु कहावा। आरति हरन बेद जसु गावा।। 

सकल विघ्न व्यापहिं नहिं तेही। राम सुकृपाँ बिलोकहिं जेही।। 
जपहिं नामु जन आरत भारी।। मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी ।। 

दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी।।

का पाठ नित्य प्रति करें।
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उत्तम स्वास्थ्य और रोग मुक्ति के लिए चौपाइयां

उत्तम स्वास्थ्य, प्रेत बाधा, एवं अकाल मृत्यु से बचने के लिए इन सिद्ध चौपाइयों का करें पाठ

दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज काहूहिं नहि ब्यापा। 
नाम प्रभाउ जान शिव नीको। कालकूट फलु दीन्ह अमी को।।

नाम पाहरु दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट। 
लोचन निज पद जंत्रित जाहिं प्रान केहि बाट।। 

प्रनवउँ पवन कुमार,खल बन पावक ग्यान घन। 
जासु ह्रदयँ आगार, बसहिं राम सर चाप धर।। 

स्याम गौर सुंदर दोउ जोरी।
 निरखहिं छबि जननीं तृन तोरी।।

लक्ष्मी एवं उत्तम संतान प्राप्ति के लिये चौपाइयां

जिमि सरिता सागर महुँ जाही। जद्यपि ताहि कामना नाहीं।।
तिमि सुख संपति बिनहिं बोलाएँ। धरमसील पहिं जाहिं सुभाएँ।।

प्रेम मगन कौसल्या निसिदिन जात न जान। 
सुत सनेह बस माता बालचरित कर गान।।

जे सकाम नर सुनहि जे गावहि। सुख संपत्ति नाना विधि पावहि।। 
साधक नाम जपहिं लय लाएँ। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएँ।।

सुनहिं बिमुक्त बिरत अरु बिषई। लहहिं भगति गति संपति नई।। 
महाशिवरात्रि के दिन मानस की इन चौपाइयों का पाठ करने से मनुष्य अपने सभी मनोरथ पूर्ण कर सकता है।
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