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Mahashivratri 2020: शिव को अतिप्रिय हैंं ये 7 चीजेंं, महाशिवरात्रि से पहले कर लें तैयारी

Thu, 06 Feb 2020 03:44 PM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
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भगवान शिव - फोटो : Pixabay
भगवान शिव के भक्तों का सबसे बड़ा त्योहार महाशिवरात्रि 21 फरवरी, शुक्रवार को है। इस अवसर पर भगवान शिव को खुश करने की चाहत सभी भक्तों के मन में रहती है और इसके लिए वह हर तरह से प्रयास करते हैं। अगर आप भी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव को प्रसन्न करके शुभ लाभ का आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो शिवरात्रि के अवसर पर इन 7 चीजों से करें भगवान शिव की पूजा।
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गंगाजल
  • गंगा भगवान विष्णु के चरणों से निकली और भगवान शिव की जटा से धरती पर उतरी है इसलिए सभी नदियों में गंगा परम पवित्र है। गंगा जल से भगवान शिव का अभिषेक करने से मानसिक शांति और सुख की प्राप्ति होती है।
 
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गन्ने का रस
  • गन्ना जीवन में मिठास और सुख का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों से इसे बहुत ही पवित्र माना गया है। प्रेम के देवता कामदेव का धनुष गन्ने से बना है। देवप्रबोधनी एकादशी के दिन गन्ने का घर बनाकर भगवान विष्णु की देवी तुलसी की पूजा की जाती है। छठ पर्व में भी छठी मैय्या के लिए गन्ने का घर बनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है।

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तीन पत्तों वाला बेलपत्र
  • तीन पत्तों वाला बेलपत्र जो कटा फटा नहीं हो ऐसा भगवान शिव को चढ़ाएं। तीन पत्तों वाला बेलपत्र त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का प्रतीक माना जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर बेलपत्र अर्पित करने से शिवलोक की प्राप्ति होती है। ऐसा पुराणों में बताया गया है।
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धतूरे का फूल
  • धतूरा के फल के समान धतूरे का फूल भी भगवान शिव को प्रिय है। इसका कारण यह है कि यह सफेद होता है और औषधीय कारणों से गुणकरी होता है। मानसिक शांति के लिए धतूरे के पुष्प को शिवलिंग पर अर्पित करें।
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shiv temple
चांदी के नाग नागिन के जोड़ें
  • ग्रहों के अशुभ प्रभाव के कारण घर में सुख शांति की कमी और आर्थिक परेशानियों आ रही है तो महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव को नाग-नागिन के जोड़े समर्पित करें। इससे कालसर्प और नाग दोष समाप्त होता है।
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भांग
  • भगवान शिव ने हलाहल विष का पान किया है इस विष के उपचार के लिए कई तरह की जड़ी बूटियों का प्रयोग देवताओं ने किया इनमें भांग भी एक है। इसलिए भगवान शिव को भंग बेहद प्रिय है। शिवरात्रि के अवसर पर भांग के पत्ते या भांग को पीसकर दूध या जल में घोलकर भगवान शिव का अभिषेक करें तो रोग दोष से मुक्ति मिलती है।
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shiv temple
धतूरा
  • भांग की तरह धतूरा भी एक जड़ी बूटी है। भगवान शिव के सिर पर चढ़े विष के प्रभाव को दूर करने के लिए धतूरा का प्रयोग भी किया गया था इसलिए शिव जी को धतूरा भी प्रिय है। महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवलिंग पर धतूरा अर्पित करें। इससे शत्रुओं का भय दूर होता है साथ ही धन संबंधी मामलों में उन्नति होती है।
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