फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाकालेश्वर की भस्म आरती का राज

Tue, 26 Apr 2016 03:06 PM IST
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
महाकालेश्‍वर अारती
कालों के काल महाकाल की नगरी है उज्‍जैन जहां इन द‌िनों महाकुंभ का मेला लगा है। इस मेले में कलाप‌िक बाबा ने भगवान श‌िव की भस्‍म आरती को लेकर सवाल खड़े क‌िए हैं और उन्होंने महाकाल की आरती में श्मशान की राख का इस्तेमाल क‌िए जाने की मांग रखी है। इनका कहना है क‌ि लोगों को इस बात पर उनके साथ आना चाह‌िए नहीं तो यह उज्जैन के ल‌िए संकटकारी हो सकता है।
विज्ञापन

महाकालेश्वर की भस्‍म आरती का राज

2 of 7
महाकालेश्‍वर अारती - फोटो : getty images
यह मांग बाबा ने इसल‌िए उठायी है क्योंक‌ि वर्तमान में महाकाल की भस्‍म आरती में कपिला गाय के गोबर से बने कंडे, शमी, पीपल, पलाश, बड़, अमलतास और बेर की लकड़‌ियों को जलाकर तैयार क‌िए गए भस्‍म का प्रयोग क‌िया जाता है। इन्हीं भस्‍म से हर सुबह महाकाल की आरती होती है। दरअसल यह भस्‍म आरती महाकाल का श्रृंगार है और उन्हें जगाने की व‌िध‌ि है।
विज्ञापन

श्मशान के भष्म से अारती

3 of 7
महाकालेश्‍वर अारती - फोटो : getty images
ऐसी मान्यता है क‌ि वर्षों पहले श्मशान के भस्‍म से भूतभावन भगवान महाकाल की भस्‍म आरती होती थी लेक‌िन अब यह परंपरा खत्म हो चुकी है और अब कंडे के बने भस्‍म से आरती श्रृंगार क‌िया जा रहा है।

भष्‍म अारती के न‌ियम

4 of 7
महाकालेश्‍वर अारती - फोटो : getty images
इस आरती का एक न‌ियम यह भी है क‌ि इसे मह‌िलाएं नहीं देख सकती हैं। इसल‌िए आरती के दौरान कुछ समय के ल‌िए मह‌िलाओं को घूंघट करना पड़ता है।
विज्ञापन

5 of 7
महाकालेश्‍वर - फोटो : getty images
आरती के दौरान पुजारी एक वस्‍त्र धोती में होते हैं। इस आरती में अन्य वस्‍त्रों को धारण करने का न‌ियम नहीं है। महाकाल की आरती भस्‍म से होने के पीछे ऐसी मान्यता है क‌ि महाकाल श्मशान के साधक हैं और यही इनका श्रृंगार और आभूषण है।
विज्ञापन

महाकाल का प्रसाद

6 of 7
महाकालेश्‍वर अारती
महाकाल की पूजा में भस्‍म का व‌िशेष महत्व है और यही इनका सबसे प्रमुख प्रसाद है। ऐसी धारणा है क‌ि श‌िव के ऊपर चढ़े हुए भस्‍म का प्रसाद ग्रहण करने मात्र से रोग दोष से मुक्त‌ि म‌िलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

महाकाल कैसे बने उज्‍जैन के राजा

7 of 7
महाकालेश्‍वर अारती
उज्‍जैन में महाकाल के प्रकट होने के व‌िषय में कथा है क‌ि दूषण नाम के असुर से लोगों की रक्षा के ल‌िए महाकाल प्रकट हुए थे। दूषण का वध करने के बाद भक्तों ने जब श‌िव जी से उज्‍जैन में वास करने का अनुरोध क‌िया तब महाकाल ज्योत‌िर्ल‌िंग प्रकट हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें