हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी व्रत रखा जाता है। इस दिन का बहुत अधिक महत्व माना गया है। कालाष्टमी को भैरवाष्टमी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव के रुद्र स्वरूप भगवान कालभैरव की पूजा करने का विधान है। इस बार कालष्टमी का व्रत 2 जून 2021 बुधवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भगवान कालभैरव के भक्तों का बुरा करता है उसे तीनों लोको में कहीं भी शरण प्राप्त नहीं होती है। भगवान काल भैरव की पूजा से भय, शत्रु, नकारात्मक शक्तियों और ग्रह दोषों के अशुभ प्रभाव से मुक्ति प्राप्त होती है। गृहस्थ जीवन जीने वाले और साधारण जन के लिए भगवान कालभैरव के बटुक भैरव स्वरूप की पूजा करना शुभ फलदायी रहता है क्योंकि बटुक भैरव को सौम्य स्वरूप माना गया है। कालाष्टमी के दिन कुछ विशेष उपाय करके भगवान काल भैरव को प्रसन्न किया जा सकता है। जानते हैं कालाष्मी के विशेष उपाय।