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kalashtmi 2021: कालाष्टमी पर जानें भगवान भैरव को प्रसन्न करने के उपाय

Wed, 02 Jun 2021 06:54 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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कालाष्टमी 2021
हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी व्रत रखा जाता है। इस दिन का बहुत अधिक महत्व माना गया है। कालाष्टमी को भैरवाष्टमी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव के रुद्र स्वरूप भगवान कालभैरव की पूजा करने का विधान है। इस बार कालष्टमी का व्रत 2 जून 2021 बुधवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भगवान कालभैरव के भक्तों का बुरा करता है उसे तीनों लोको में कहीं भी शरण प्राप्त नहीं होती है। भगवान काल भैरव की पूजा से भय, शत्रु, नकारात्मक शक्तियों और ग्रह दोषों के अशुभ प्रभाव से मुक्ति प्राप्त होती है। गृहस्थ जीवन जीने वाले और साधारण जन के लिए भगवान कालभैरव के बटुक भैरव स्वरूप की पूजा करना शुभ फलदायी रहता है क्योंकि बटुक भैरव को सौम्य स्वरूप माना गया है। कालाष्टमी के दिन कुछ विशेष उपाय करके भगवान काल भैरव को प्रसन्न किया जा सकता है। जानते हैं कालाष्मी के विशेष उपाय।
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कालाष्टमी 2021
भगवान काल भैरव शिव जी का ही अंश हैं इसलिए एक तरह से कालाष्टमी के दिन भगवान शिव की पूजा भी की जाती है। इस दिन 21 बेलपत्र लेकर चंदन पर उससे शिव जी का पंचाक्षरी मंत्र ॐ नमः शिवाय लिखकर भगवान शिव को अर्पित करें। इससे भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
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कालाष्टमी 2021
काले कुत्ते को रोटी खिलाएं
श्वान (कुत्ता) को भगवान कालभैरव का वाहन कहा गया है। कालाष्टमी के दिन काले कुत्ते को रोटी खिलाने से भगवान कालभैरव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। मान्यता है कि इससे शनिदेव की कृपा भी प्राप्त होती है। कालाष्टमी पर कुत्ते को मीठी रोटी खिलानी चाहिए। मान्यता है कि इससे आपकी मनोकामना पूर्ण होती है।

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कालाष्टमी 2021
भगवान कालभैरव के समक्ष सुगंधित अगरबत्ती जलाएं
यदि आपके जीवन में परेशानियां चल रही हैं तो कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव के समक्ष 33 सुगंधित अगरबत्ती जलाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से धीरे-धीरे जीवन की समस्याएं दूर होने लगती हैं।
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कालाष्टमी 2021
भैरव चालीसा का पाठ करें
कालाष्टमी के दिन भगवान कालभैरव का व्रत और पूजन करने के साथ ही भैरव चालीसा का पाठ करना बहुत ही शुभफलदायी रहता है। इससे भगवान भैरव की कृपा बनी रहती हैं और जातक को भय एवं नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति प्राप्त होती है।
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