हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का व्रत किया जाता है। कालाष्टमी को भैरवाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस बार कालाष्टमी का व्रत 01 जुलाई 2021 को रखा जाएगा। यह तिथि भगवान काल भैरव को समर्पित होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान भैरव, शिव जी के ही रूद्रावतार हैं। इन्हें काशी का कोतवाल कहा जाता है। भगवान भैरव के अष्ट स्वरुप हैं जिनमें से गृहस्थ जीवन जीने वाले साधारण जन को बटुक भैरव की आराधना करनी चाहिए। ये भगवान भैरव का सौम्य स्वरुप हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो भी भगवान भैरव के भक्तों का अहित करता है उसे तीनों लोक में कही भी शरण प्राप्त नहीं होती है। इनकी पूजा से नकारात्मक शक्तियों, भय और शत्रुओं से मुक्ति प्राप्त होती है। तो आइए जानते हैं कालाष्टमी व्रत शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि