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Masik Shivratri 2022: कब है ज्येष्ठ की मासिक शिवरात्रि? जानें भगवान शिव की पूजन विधि, मुहूर्त और महत्व

Wed, 25 May 2022 05:31 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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कब है ज्येष्ठ की मासिक शिवरात्रि? जानें भगवान शिव की पूजन विधि, मुहूर्त और महत्व - फोटो : istock
Masik Shivratri 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। शिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा का विधान है। मासिक शिवरात्रि भगवान शिव शंकर को प्रसन्न करने के लिए उत्तम तिथि मानी जाती है। धर्म शास्त्रों में मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि के दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। कहा जाता है कि भगवान भोलेनाथ बहुत जल्द ही अपने भक्तों पर प्रसन्न हो जाते हैं और जिन लोगों पर भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं उनके जीवन में कभी भी परेशानियां नहीं आती। साथ ही उनकी कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। तो चलिए आज जानते हैं ज्येष्ठ माह की शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजन विधि के बारे में....  
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कब है ज्येष्ठ की मासिक शिवरात्रि? जानें भगवान शिव की पूजन विधि, मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock
मासिक शिवरात्रि 2022 तिथि
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 28 मई दिन शनिवार को दोपहर 01 बजकर 09 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 29 मई, रविवार को दोपहर 02 बजकर 54 मिनट तक मान्य रहेगी।
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कब है ज्येष्ठ की मासिक शिवरात्रि? जानें भगवान शिव की पूजन विधि, मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock
मासिक शिवरात्रि 2022 पूजा मुहूर्त
मासिक शिवरात्रि के दिन रात में भगवान भोलेनाथ की पूजा का विधान है। ऐसे में पूजा का शुभ मुहूर्त 28 मई को रात में 11 बजकर 58 मिनट से देर रात 12 बजकर 39 मिनट तक है। 

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कब है ज्येष्ठ की मासिक शिवरात्रि? जानें भगवान शिव की पूजन विधि, मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock
शिवरात्रि का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवरात्रि शिव शंकर को बेहद प्रिय है। इस दिन विधि-विधान के साथ पूजन व व्रत करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करते हैं। शिवरात्रि पर व्रत और पूजन करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सकारात्मकता का संचार होता है। समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए शिवरात्रि के दिन शिवलिंग का रुद्राभिषेक करना बहुत शुभ फलदायी माना जाता है। 
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कब है ज्येष्ठ की मासिक शिवरात्रि? जानें भगवान शिव की पूजन विधि, मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock
मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नानादि करें। इसके बाद विधि विधान से पूजन करें। इस दिन यदि मंदिर नहीं जा सकते तो घर पर रहकर ही पूजन करें।
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कब है ज्येष्ठ की मासिक शिवरात्रि? जानें भगवान शिव की पूजन विधि, मुहूर्त और महत्व - फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले शिव जी के समक्ष पूजा स्थान में दीप प्रज्वलित करें। यदि  घर शिवलिंग है तो दूध, और गंगा जल आदि से अभिषेक करें। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा आदि अवश्य अर्पित करें। इस दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा भी करनी चाहिए। पूजा करते समय नम: शिवाय मंत्र का उच्चारण करते रहें। भगवान शिव को भोग लगाएं और आरती करें।
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